उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या हुई 76, कइयों की हालत गंभीर 

राज्य सरकार ने इस पूरी घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित इलाके के पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

खास बातें

  • उत्तराखंड मं 28 लोगों की मौत
  • पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
  • घटना की जांच के आदेश दिया गया है
लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के सहारनरपुर और उत्तराखंड के रुड़की में ज़हरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्‍या 76 हो गई है. ज़हरीली शराब की वजह से यूपी में 44 लोगों की मौत हुई है जिसमें सबसे अधिक सहारनपुर में 36 लोगों की जान गई है. उत्तराखंड में भी इस हादसे ने 32 लोगों की जान ले ली है. हादसे के बाद प्रशासन की नींद खुली है. इस मामले में अब तक 130 से ज़्यादा लोग गिरफ़्तार किए गए हैं. यूपी में अब तक 39 लोगों पर जबकि उत्तराखंड में 15 लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया गया है. जिसमें से चार पर गुंडा एक्ट लगाया गया है. सभी 15 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में सात पुलिसवालों समेत 16 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. उत्तराखंड सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दे दिए हैं. जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

पश्चिम बंगाल : जहरीली शराब से मौत के मामले में चार आरोपी दोषी करार 

गौरतलब है कि शुक्रवार को यह आंकड़ा 9 का था. इनमें सहारनपुर में 4 और कुशीनगर में 5 लोगों की मौत हुई थी. मिली जानकारी के मुताबिक जहरीली शराब पीने से पिछले 48 घंटों में ये मौतें हुई थी. आपको बता दें कि इस घटना के सामने के आने के बाद ऐसा लग रहा है कि जहरीली शराब बनाने वालों का नेटवर्क पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है और यह सब कुछ पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है क्योंकि जहरीली शराब जिस जगह पर बनाई जाती है कि उसकी गंध दूर-दूर तक जाती है. आपको बता दें कि जब राज्य में अखिलेश यादव की सरकार थी तो उन्नाव और लखनऊ में जहरीली शराब पीने से 33 लोगों की मौत हो गई थी. उसके बाद सरकार और प्रशासन की ओर से बड़े-बड़े दावे किए गए थे और आदेश दिया गया था कि जिस इलाके में जहरीली शराब पाई गई वहां के पुलिस थाने के अधिकारी जिम्मेदार होंगे.

Newsbeep

आरा जहरीली शराब कांड : अदालत ने 15 दोषियों में से 14 को उम्रकैद की सजा सुनाई

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


लेकिन अब उत्तर प्रदेश में सरकार बदल गई है लेकिन ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं. इससे साफ जाहिर होता है कि जहरीली शराब का यह पूरा नेटवर्क बिना प्रशासन की मिलीभगत के नहीं चल सकता है. बीते साल के मई के महीने में उत्तर प्रदेश के कानपुर और कानपुर देहात में  ज़हरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हो हुई थी. इस घटना के बाद से शराब दुकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर दुकान को सील कर दिया गया था. इसी तरह साल 2018 के जनवरी में बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई थी.