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गुड़गांव में महिला के साथ गैंगरेप के पहले आरोपियों ने उसकी रोती बच्ची का गला घोंट दिया

पुलिस ने बताया कि महिला के साथ चार घंटों तक दुष्कर्म होता रहा और उसके बाद उसे सड़क पर छोड़ दिया गया.

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गुड़गांव में महिला के साथ गैंगरेप के पहले आरोपियों ने उसकी रोती बच्ची का गला घोंट दिया

गुड़गांव में एक महिला के साथ ऑटो रिक्शा में गैंगरेप करने के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है

खास बातें

  1. तीन में से एक आरोपी गिरफ्तार
  2. तीनों मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले
  3. कार्रवाई में देरी को लेकर एक महिला पुलिस अफसर सस्पेंड
गुड़गांव: गुड़गांव में पिछले हफ्ते एक महिला से ऑटो रिक्शा में रेप के तीन आरोपियों में से एक को पुलिस ने जबरदस्त तलाशी अभियान के बाद गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने महिला की 9 महीने की बच्ची का गला दबाकर सड़क पर फेंक दिया था. बच्ची की मौत हो गई थी.

गिरफ्तार किए गए शख्स की पहचान 20 साल के योगेंद्र के रूप में हुई है. वो गुड़गांव के बांस कुशला गांव में रहता है.
गुड़गांव के पुलिस प्रमुख संदीप खिरवार ने बताया कि आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. उसके दो अन्य साथी- ऑटो रिक्शा ड्राइवर जयकेश और अमित अब भी फरार हैं. सभी तीन आरोपी यूपी के बुलंदशहर के रहने वाले हैं. वारदात के वक्त तीनों नशे में थे.

पीड़ित महिला की शिकायत पर जल्द कार्रवाई न करने के चलते एक महिला पुलिस अफसर को सस्पेंड भी किया गया है. गुड़गांव पुलिस के लिए चुनौती बने इस केस की जांच में जुटी पुलिस ने करीब 50 ऑटो-रिक्‍शा ड्राइवरों से पूछताछ की.

पिछले सोमवार को महिला के पति का कुछ पड़ोसियों से झगड़ा हुआ था. पड़ोसियों के डर से महिला देर रात अपनी मां के पास जाने के लिए निकल पड़ी. पहले वह एक ट्रक में सवार हुई, लेकिन ट्रक ड्राइवर ने उसके साथ छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी, जिसके बाद वह ट्रक से उतर गई. इसके बाद एक ऑटो रिक्शा उसके पास आकर रुका. महिला जब ऑटो में सवार हुई तो तीन लोगों ने उस पर हमला कर दिया. महिला की गोद में उसकी नवजात बच्ची थी, जिसने चिल्लाना शुरू कर दिया. आरोपियों ने इसके बाद बच्ची का गला दबा दिया और बाहर फेंक दिया. गुड़गांव पुलिस प्रमुख ने कहा कि बच्ची की हत्या में सभी शामिल थे. बच्ची की मौत दम घुटने के कारण हुई.

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पुलिस ने बताया कि महिला के साथ चार घंटों तक दुष्कर्म होता रहा और उसके बाद उसे सड़क पर छोड़ दिया गया. पीड़ित महिला वापस उस जगह पर लौटी, जहां सड़क पर उसकी बच्ची को फेंका गया था. वह इस आस में लौटी थी कि बच्ची शायद जिंदा हो. गुड़गांव के एक अस्पताल ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया. महिला अपनी मृत बच्ची को गोद में लिए हुए मेट्रो के जरिये दिल्ली के एम्स अस्पताल पहुंची. जब एम्स में भी डॉक्टरों ने बच्ची की मौत की पुष्टि कर दी, तब वह वापस मेट्रो ट्रेन से ही गुड़गांव लौट गई.

पुलिस ने शुरू में इस मामले में कोई एफआईआर नहीं दर्ज की और वारदात के पांच दिन गैंगरेप का मामला दर्ज किया गया. गुड़गांव पुलिस प्रमुख ने स्वीकार किया कि हो सकता है कि पुलिस की ओर से कुछ कमियां थीं. हमने एफआईआर दर्ज किए जाने में एक दिन की देरी के चलते महिला एसीपी को सस्पेंड कर दिया है. जब हमारे सीनियर अफसरों को पता चला कि महिला के साथ रेप हुआ है, उन्होंने पीड़ित का बयान दर्ज किया.


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