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पुणे: ब्लू व्हेल गेम का 'टॉस्क' पूरा करने के चक्कर में गई एक और जान, युवक ने की आत्महत्या

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि ब्लू व्हेल गेम खेलने का आदी था. पुलिस ने फिलहाल पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने मृतक युवक की पहचान दिवाकर माली के रूप में की गई है.

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पुणे: ब्लू व्हेल गेम का 'टॉस्क' पूरा करने के चक्कर में गई एक और जान, युवक ने की आत्महत्या

प्रतीकात्मक चित्र

खास बातें

  1. पुणे में युवक ने की आत्महत्या
  2. पुलिस को युवक के पास से मिला नोट
  3. पहले भी हो चुकी है गेम पूरा करने के चक्कर में आत्महत्या
पुणे:

महाराष्ट्र के पुणे में एक युवक ने ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल में अपना टॉस्क पूरा करने के चक्कर में आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि ब्लू व्हेल गेम खेलने का आदी था. पुलिस ने फिलहाल पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने मृतक युवक की पहचान दिवाकर माली के रूप में की गई है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि युवक ने खुदको फांसी लगाने से पहले एक नोट भी लिखा था.

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माली ने उसमें लिखा कि ब्लैक पैंथर जो पहले एक बाड़े में था अब आजाद है, अब बगैर किसी रोक-टोक है. द इन्ड.अधिकारी के अनुसार ऑनलाइन गेम में दिए टॉस्क ने उसे ऐसा करने के लिए प्रेरित किया. माली खुदको इस गेम का ब्लैक पैंथर मानता था. गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही ब्लू व्हेल गेम का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. मदुरई के रहने वाले 73 साल के एडवोकेट पोन्नियम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि कोर्ट जानलेवा ब्लू व्हेल गेम पर रोक लगाए. पोन्नियम ने अपनी याचिका में कहा था कि ब्लू व्हेल गेम को लेकर अलग-अलग अदालतों में मुकदमे चल रहे हैं लेकिन अभी तक इस पर रोक नही लग पाई है. जिसकी वजह से बच्चों द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं.


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पोन्नियम ने अपनी याचिका में ये भी कहा था कि कोर्ट सभी राज्य सरकारों को आदेश दे कि वे लोगों के बीच इस खेल को लेकर सामाजिक जागरुकता फैलाएं. एक ऐसा ही मामला दिल्ली हाईकोर्ट में भी लंबित है जिसमें ब्लू व्हेल गेम पर रोक लगाने की मांग की गई थी. गुरमीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की है कि इंटरनेट की बड़ी कंपनियों को तत्काल ब्लू व्हेल चैलेंज से संबंधित किसी भी सामग्री को अपलोड करने से रोका जाए. इस गेम के ऑनलाइन लिंक को गूगल, फेसबुक और अन्य वेबसाइटों से हटाने के लिए मांग भी की गई थी. वहीं, इस गेम के फैलते जाल पर यूपी के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी अभिभावकों को बच्चों की इंटरनेट एक्टिविटी पर नजर रखने को लेकर कुछ समय पहले चेताया था. दिनेश शर्मा ने कहा था कि इन्टरनेट के माध्यम से कम्प्यूटर आधारित ‘ब्लू व्हेल गेम' सीधे बच्चों को अपना निशाना बना रहा है. उन्हें 50 विभिन्न चुनौतियाँ पूरी करके स्वयं को हानि पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, जिसकी अन्तिम चुनौती आत्महत्या है. इण्टरनेट पर उपलब्ध आंकड़ों से संज्ञान में आया है कि यह गेम विश्व में 100 से अधिक बच्चों की मृत्यु का कारण बन चुका है.

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शर्मा ने आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक विभाग की समीक्षा के दौरान कहा था कि किशोर अवस्था के बालक/बालिकाएं जब यह खेल स्वीकार करते हैं, तो नियंत्रक (एडमिनिस्ट्रेटर) उनसे कुछ व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त कर लेता है. हर चुनौती पिछली चुनौतियों से अधिक खतरनाक होती जाती है.

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यदि बच्चा चुनौती को छोड़ना या गेम समाप्त करना चाहता है तो नियंत्रक (एडमिनिस्ट्रेटर) व्यक्तिगत जानकारी प्रकट कर देने या परिवार को हानि पहुंचाने की धमकी देता है. जब 50 वां दिन आता है तो क्यूरेटर, गेम खेलने वाले को आत्महत्या करने तक का निर्देश देती है. उपमुख्यमंत्री ने इसके बचाव एवं सुरक्षा के लिए अभिभावकों को सलाह दी थी कि वे बच्चे के क्रियाकलापों पर ध्यान दें और बच्चे की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री पर नजर रखें.

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