NDTV Khabar

CBI ने PMO अधिकारी होने का झूठा दावा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया

सीबीआई ने एफआईआर के बाद बेंगलुरु में एस पी श्रीनिवासन राव के आवास पर तलाशी ली, जहां एजेंसी ने दावा किया कि उन्हें पीएमओ से लेकर कई अन्य मंत्रालयों के जाली पत्र मिले.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
CBI ने PMO अधिकारी होने का झूठा दावा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली:

CBI ने बेंगलुरू के एक व्यक्ति के खिलाफ न्याय विभाग को कथित रूप से एक फर्जी पत्र भेजने का मामला दर्ज किया है. इस पत्र में उसने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का एक अधिकारी बताया और एक न्यायाधीश के खिलाफ जांच करने की बात कही. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. सीबीआई ने एफआईआर के बाद बेंगलुरु में एस पी श्रीनिवासन राव के आवास पर तलाशी ली, जहां एजेंसी ने दावा किया कि उन्हें पीएमओ से लेकर कई अन्य मंत्रालयों के जाली पत्र मिले. यह आरोप लगाया गया है कि राव ने कथित पत्र के माध्यम से पीएमओ के अधिकारी के रूप में न्याय विभाग से न्यायाधीश के खिलाफ जांच की मांग की थी. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने राव के खिलाफ कथित जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है. 

मायावती के करीबी रहे पूर्व IAS अधिकारी के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी,करोड़ों की संपत्ति जब्त 


गौरतलब है कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया था जो खुदको दिल्ली पुलिस का आईपीएस अधिकारी बताता था. पुलिस ने आरोपी की पहचान 30 वर्षीय राजकुमार के रूप में की थी. आरोपी पर एक महिला का पीछा करने और उसे नौकरी दिलाने के नाम पर लाख रुपये की ठगी करने का भी आरोप था. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला था कि आरोपी इस तरह से कई लोगों को पहले भी चपत लगा चुका है. 

खुदको पुलिस अधिकारी बताकर दोस्तों के बीच धाक जमाना पड़ा महंगा, पुलिस ने पहुंचा जेल

पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया था कि आरोपी ने उससे नौकरी दिलाने के नाम पर लाख रुपये की ठगी की है. पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि वह आरोपी से एक जिम में कुछ महीने पहले मिली थी. उस दौरा आरोपी ने खुदको एक आईपीएस अधिकारी बताया था. इसके बाद दोनों के बीच दोस्ती हो गई थी. पीड़िता ने बताया था कि एक दिन आरोपी ने उससे बोला कि मैं तुमसे प्यार करता हूं लेकि मैं शादी नही कर सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि मुझे कैंसर है. और मेरी अंतिम इच्छा है कि मैं तुम्हें सरकारी नौकरी करता देखूं. आऱोपी ने पीड़िता को नौकरी दिलाने के नाम पर लाख रुपये लिए और फिर गायब होगा. इस मामले में बाद में महिला की शिकायत पर काम करते हुए रोहिणी पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया था.. गौरतलब है कि ऐसा ही एक मामला पिछले सामने आया था जिसमें एक युवक को खुदको फर्जी पुलिस अधिकारी बताना महंगा पड़ गया था. 

टिप्पणियां

सोहराबुद्दीन मामले में आईपीएस अधिकारी के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई साक्ष्य नहीं : वकील

दिल्ली पुलिस ने सुभाष नगर से 34 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था जो खुद को आईपीएस अधिकारी बताया था. पुलिस अधिकारी ने बताया था कि आरोपी ऐसा सिर्फ अपने दोस्तों के बीच अपनी धाक जमाने के लिए करता था. पुलिस ने आरोपी की पहचान दिव्य मल्होत्रा के रूप में की थी.  पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपी ने बताया था कि वह बीते दो साल से ऐसा कर रहा था. पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) मोनिका भारद्वाज ने बताया कि बुधवार को रात दस बजकर 20 मिनट पर दिल्ली पुलिस के लोगो वाली एक लालबत्ती गाड़ी मीनाक्षी गार्डन से सुभाषनगर जाती हुई नजर आई.



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement