दाभोलकर हत्याकांड मामले में शिवसेना के पूर्व पार्षद को एटीएस ने किया गिरफ्तार 

पन्गारकर को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया. 

दाभोलकर हत्याकांड मामले में शिवसेना के पूर्व पार्षद को एटीएस ने किया गिरफ्तार 

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली:

शिवसेना के पूर्व पार्षद श्रीकांत पन्गारकर को महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से नौ और 11 अगस्त के बीच देसी बमों और हथियारों की बरामदगी के सिलसिले में रविवार को गिरफ्तार किया गया. गौरतलब है कि पन्गारकर को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया.  इससे पहले एटीएस ने तीन लोगों--वैभव राउत, शरद कालस्कर और सुधन्वा गांधालेकर--को पालघर और पुणे जिले से 10 अगस्त को बम और हथियार बरामद किेये जाने के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. तीनों फिलहाल 28 अगस्त तक पुलिस हिरासत में हैं. सूत्रों ने बताया कि जालना नगर निगम के पूर्व सदस्य पन्गारकर को कल रात सीबीआई ने अंधविश्वास के खिलाफ अलख जगाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के मामले में हिरासत में लिया था. उसका नाम हत्या मामले के कथित प्रमुख शूटर सचिन प्रकाशराव आंदुरे से पूछताछ में सामने आया था.

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औरंगाबाद निवासी आंदुरे को पुणे से कल शाम गिरफ्तार किया गया था. उसे आज शिवाजीनगर में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट ए एस मजूमदार की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 26 अगस्त तक एजेंसी की हिरासत में भेज दिया गया.सीबीआई ने अदालत से कहा कि आंदुरे उन दो हमलावरों में से एक था जिन्होंने पुणे में ओंकारेश्वर पुल पर 20 अगस्त 2013 को दाभोलकर को गोली मारी थी. सूत्रों ने बताया कि आंदुरे ने सीबीआई को बताया कि दाभोलकर की हत्या के वक्त पन्गारकर भी उसके साथ था जिसके बाद पन्गारकर (40) को हिरासत में लिया गया.उन्होंने बताया कि पूर्व पार्षद कथित तौर पर आंदुरे की मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा था.मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने दाभोलकर की 20 अगस्त, 2013 को पुणे में उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वह सुबह की सैर पर निकले थे.

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गौरतलब है कि इससे पहले डॉ नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने मामले में आरोप पत्र दायर कर दिया था. सीबीआई ने एक मात्र गिरफ्तार आरोपी डॉ वीरेंद्र सिंह तावड़े को मुख्य साजिशकर्ता बताया था.सीबीआई के मुताबिक डॉ वीरेंद्र तावड़े ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर डॉ नरेंद्र दाभोलकर की हत्या की साजिश रची थी. माना जा रहा है कि उन दो लोगों में एक सारंग आकोलकर है जो साल 2009 के गोवा बम धमाकों में फरार आरोपी है.

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आकोलकर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी है.सीबीआई के मुताबिक एक जून 2016 को पनवेल में डॉ तावड़े के घर और पुणे में एक घर में तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज, मोबाइल नंबर और ईमेल की जानकारी मिली थी जो डॉ दाभोलकर की हत्या की साजिश से जुड़ी है और मामले में अहम सबूत साबित हो सकती है.अंधश्रद्धा के खिलाफ अलख जगाने वाले डॉ नरेंद्र दाभोलकर की पुणे में 20 अगस्त 2013 को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वे सुबह की सैर के लिए निकले थे.

VIDEO: दाभोलकर मामले में गिरफ्तार आरोपी ने कबूला जुर्म.

हत्यारे मोटरसाइकिल पर आए थे और गोली मारकर फरार हो गए थे. शक है कि हत्या में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी डॉ वीरेंद्र तावड़े की थी. इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल बंदूक का इंतजाम करने का आरोप भी तावड़े पर है.(इनपुट भाषा से)