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सीएजी के सीनियर ऑडिटर की हत्या का गहरा राज खुला, पुलिस को धोखा नहीं दे सके आरोपी

कैग में काम करने वाले सीनियर ऑडिटर आनंद कुमार सिंह की हत्या उसकी पत्नी और बेटे ने ही सुपारी देकर कराई थी

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सीएजी के सीनियर ऑडिटर की हत्या का गहरा राज खुला, पुलिस को धोखा नहीं दे सके आरोपी

कैग के सीनियर ऑडिटर आनंद कुमार सिंह की हत्या कराने की आरोपी उनकी पत्नी सुनीता और उनका बेटा.

खास बातें

  1. पुलिस के सामने आनंद की पत्नी की झूठी कहानी नहीं चल सकी
  2. आनंद की पत्नी और बेटे के बयानों में अंतर पाया गया
  3. डेढ़ लाख रुपये में हत्या की सुपारी बेटे के दोस्त विकास को दी थी
नई दिल्ली:

दिल्ली के जैतपुर इलाके के ओम नगर में सीएजी यानि कैग में काम करने वाले सीनियर ऑडिटर 43 साल के आनंद कुमार सिंह की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है. इस मामले में पुलिस ने आनंद की पत्नी, उसके नाबालिग बेटे और बेटे के एक दोस्त को गिरफ्तार किया है. जबकि हत्या में शामिल एक और शख्स की तलाश जारी है.

दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी चिन्मय बिस्वाल के मुताबिक 6 जुलाई की सुबह उन्हें जानकारी मिली कि आनंद कुमार सिंह की किसी ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी है. आनंद की पत्नी सुनीता ने बताया कि आनंद रात 11:30 घर पहुंचे. वे अलग कमरे में सो रहे थे. सुबह करीब 3 बजे जब मैं टॉयलेट के लिए निकली तो देखा कि आनंद की हत्या हो गई है. पत्नी ने ये भी कहा कि घर से आनंद का मोबाइल और डेढ़ लाख रुपये गायब हैं. घर का दरवाजा खुला मिला.

पुलिस ने जब आनंद के बेटे और उनकी पत्नी से अलग-अलग पूछताछ की तो दोनों के बयानों में विरोधभास नज़र आया. पुलिस ने जब सुनीता से कड़ाई से पूछताछ की तो सुनीता ने बताया कि उसने अपने नाबालिग बेटे के साथ मिलकर अपने पति की हत्या करवाई है, क्योंकि वह अपने पति के रोज-रोज शराब पीने और  झगड़ा करने की आदत से परेशान थी. सुनीता ने डेढ़ लाख रुपये में हत्या की सुपारी अपने बेटे के दोस्त विकास को दी थी. विकास ने इस काम में फरीदाबाद में रहने वाले अपने दोस्त ऋषभ को भी शामिल कर लिया. वारदात वाली रात सुनीता ने दोनों को आनंद के आने के पहले ही घर में बुलाकर छत पर छिपा दिया. रात करीब 11:30 बजे आनंद नशे की हालत में घर पहुंचे और बिना खाना खाए ही सो गए.


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इसके बाद सुनीता और उसके बेटे ने ऋषभ और विकास को नीचे आने के लिए कहा. फिर ऋषभ और विकास ने मिलकर आनंद की चाकू से गोदकर हत्या कर दी. इस दौरान सुनीता और उसका बेटा कमरे के बाहर पहरा देते रहे. हत्या के बाद ऋषभ और विकास भाग गए और सुनीता ने पुलिस की जांच भटकाने के लिए झूठी कहानी गढ़ी. अब पुलिस इस मामले में विकास की तलाश कर रही है.

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VIDEO : कैग के सीनियर आडिटर की हत्या



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