सावधान, आपकी मेडिसिन जांच लें! हर मर्ज की नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़

दिल्ली के किराड़ी इलाके में एक छोटे से मकान में बनाई जा रही थीं हर बीमारी की नकली दवाएं, दो आरोपी गिरफ्तार

सावधान, आपकी मेडिसिन जांच लें! हर मर्ज की नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़

दिल्ली के किराड़ी में नकली दवाएं बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी गई है.

खास बातें

  • आरोपी अशोक और विजेंद्र को किया गया गिरफ्तार
  • हूबहू असली दवा जैसी पैकिंग में होती थी नकली दवा
  • दोनों आरोपी पहले दवा कंपनी में काम करते थे
नई दिल्ली:

बाजार में उल्टी, दस्त,दर्द, एसिडिटी और गैस से राहत दिलाने वाली दवाएं नकली मिल रही हैं. ये खुलासा किया है दिल्ली पुलिस ने. पुलिस ने नामी कंपनियों की नकली दवाएं बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. फैक्ट्री मालिक समेत दो लोग गिरफ़्तार किए गए हैं.

दिल्ली के किराड़ी इलाके में एक छोटे से मकान के अंदर हर मर्ज़ की दवा तैयार हो रही थी. क्राइम ब्रांच के अधिकारी जब इस फैक्ट्री में दाखिल हुए तो नकली दवाओं का जखीरा हाथ लगा और इन दवाओं को बनाने का साज़ो-सामान भी मिला. पुलिस ने अपने सामने ही मशीन से दवा बनवाकर आरोपियों से डेमो भी करवाया. आरोपी दर्द से लेकर दस्त निवारक तक हर तरह की दवा बना रहे थे.

 
counterfeit drug factory busted delhi

क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश देव के मुताबिक जो दवाएं बरामद हुई हैं उनमें पैन डी के 50 हजार कैप्सूल,पैंटोसिड डीएसआर के 750 टैबलेट, मोंटेक एलसी के 4500 टैबलेट, पैन 40 के 19000 टैबलेट, A टू Z टैबलेट के 15000 कैप्सूल, इसके अलावा हजारों खाली पत्ते, स्ट्रिप और बैच मशीन बरामद की गई है.
 
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पुलिस ने नकली दवाओं के जखीरे के साथ दो आरोपियों अशोक और विजेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया. अशोक फ़ैक्ट्री मालिक है. दोनों पहले दवा कंपनियों में काम कर चुके हैं. दवाइयों की डिमांड के हिसाब से पहले ये असली दवाई बाज़ार से ख़रीदते थे और फिर वही बैच नंबर डालकर उसी तरह की पैकिंग में ये नकली दवा तैयार करते थे. खाली कैप्सूल दिल्ली के भागीरथ प्लेस से लाते थे और दवा का साल्ट अलग-अलग कंपनियों से लाते थे. ये दवाएं ज़्यादातर दूर दराज़ के इलाकों जैसे बिहार, बंगाल में बेचते थे.

पुलिस पता लगा रही है कि आखिर बिना किसी लाइसेंस के ये लोग रुड़की और हरिद्वार की कंपनियों से दवा का साल्ट कैसे ले लेते थे? राजेश देव के मुताबिक ये लोग जो दवा बनाना चाहते थे उसकी  मैचिंग का खाली कैप्सूल भगीरथ प्लेस से ले आते थे. फिर ये उसे भरते थे. इसके बाद बिल्कुल असली पैकिंग की तरह उसे पैक कर लेते थे. पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों की मुलाक़ात 2016 में हुई और तभी से ये लोग इस गोरखधंधे में हैं.

 
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