आयुष्मान योजना की फ़र्ज़ी वेबसाइट बनाकर लाखों रुपये ठगने वाले गैंग का दिल्ली पुलिस ने किया पर्दाफाश

आरोपियों ने आयुष्मान योजना की फ़र्ज़ी सरकारी वेबसाइट बनाकर 5 हज़ार से ज्यादा नौकरियों की भर्ती के विज्ञापन देकर 4 हज़ार से ज्यादा लोगों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर लाखों रुपये ठग लिए.

आयुष्मान योजना की फ़र्ज़ी वेबसाइट बनाकर लाखों रुपये ठगने वाले गैंग का दिल्ली पुलिस ने किया पर्दाफाश

आरोपियों ने कई गांव में कैम्प लगाकर युवाओं को नौकरी के रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित किया.

नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने 4 ऐसे लोगों के एक गैंग का भंडाफोड़ किया है जिन्होंने आयुष्मान योजना की फ़र्ज़ी सरकारी वेबसाइट बनाकर 6 राज्यों में 5 हज़ार से ज्यादा नौकरियों की भर्ती के विज्ञापन देकर 4 हज़ार से ज्यादा लोगों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर लाखों रुपये ठग लिए. पकड़े गए आरोपियों में गैंग का मास्टरमाइंड उमेश उसका साथी रजत,गौरव और सीमा रानी शर्मा हैं.

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साइबर सेल के डीसीपी अनिमेष रॉय के मुताबिक,' 26 मई को उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय ,प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की तरफ से इस फर्जीवाड़े की शिकायत मिली और तकनीकी जांच के जरिये इस गोरखधंधे में शामिल सभी 4 आरोपियों को पकड़ा गया. इनके पास से लैपटॉप ,मोबाइल फोन और कई एटीएम कार्ड भी बरामद हुए,पूछताछ में पता कि लोगों से ठगी करने के लिए पेशे से वेब डिज़ाइनर कुमार रजत सिंह ने पहले एक आयुष्मान योजना ट्रस्ट बनाया और फिर एक सरकारी वेबसाइट से मिलती जुलती वेबसाइट बनाई. '

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इस वेबसाइट के जरिये उसने वार्ड बॉय,नर्स,लैब असिस्टेंट, फार्मासिस्ट और आयुष मित्र जैसी 51,116 नौकरियों के लिए विज्ञापन निकाला. ये विज्ञापन 5 राज्यों जिनमें उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश ,राजस्थान ,हरियाणा, दिल्ली और बिहार के लिए था. नौकरियों में भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर इन लोगों ने हर एक शख्स से 300 से 500 रुपये लिए,इस तरह इन लोगों ने 4,200 से ज्यादा लोगों से ठगी की. इन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई गांव में कैम्प लगाकर युवाओं को नौकरी के रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित किया. सभी आरोपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं.