NDTV Khabar

फिंगर प्रिंट की मदद से 12 साल बाद आरोपी तक पहुंची पुलिस

कुछ दिन पहले ही दिल्ली पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत किया था आरोपी को गिरफ्तार

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
फिंगर प्रिंट की मदद से 12 साल बाद आरोपी तक पहुंची पुलिस

आरोपी की फाइल फोटो

खास बातें

  1. दिल्ली के अलावा पास के राज्यों में भी की थी वारदात
  2. लूट और चोरी के कई मामलों में शामिल रहा है आरोपी
  3. कुछ दिन पहले ही दूसरे मामले में पुलिस के हत्थे चढ़ा था आरोपी
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे बदमाश को गिरफ्तार किया है जो बीते 12 साल से फरार चल रहा था. पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल से मिले फिंगर प्रिंट की मदद से गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान 36 वर्षीय सबीर मलिक के रूप में की गई है. पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी युवक एक बड़े गिरोग का सदस्य है और उसपर कई मामले दर्ज हैं. साथ ही आरोपी दिल्ली के अलावा पश्चिमी यूपी और हरियाणा में भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है.

यह भी पढ़ें: बेटी की हत्या करने के बाद व्यक्ति ने की आत्महत्या की कोशिश

दिल्ली पुलिस को आरोपी की तलाश कालकाजी के एक घर में वर्ष 2006 में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले में थी. पुलिस अधिकारी के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने पूछताछ में माना है कि वह बीते 12 साल से अलग-अलग जगहों पर कई तरह की वारदातें कर चुका है. उसने 2006 में कालकाजी में एक घर में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले में भी अपनी भागीदारी मानी है.

यह भी पढ़ें: जल्दी पैसे कमाने की चाहत ने मिस्टर दिल्ली को बनाया स्नैचर, पुलिस ने पहुंचाया जेल

दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि आरोपी ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर 24 दिसंबर 2006 में कालकाजी के एक घर में चोरी की थी. इस दौरान आरोपियों ने घर में रखे लाखों रुपये के सोने के आभूषण और कई लाख रुपये नकद पर हाथ साफ किया था. घटना के सामने आने के बाद उस समय पुलिस की कई टीमों ने घटनास्थल से कई तरह फिंगर प्रिंट्स लिए थे.  जिसके आधार पर बाद में आरोपियों की तलाश शुरू की थी. लेकिन तमाम कोशिश के बाद उस समय पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच पाई थी. बाद में सभी फिंगर प्रिंट को रिकॉर्ड में जमा करा दिया गया था ताकि इनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर की जा सके.

टिप्पणियां
VIDEO: महिलाओं के प्रति बढ़ रही हैं घटनाएं. 


दिल्ली पुलिस ने कुछ दिन पहले ही सबीर को आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया था. इसी दौरान जब हमनें उसके फिंगर प्रिंट्स का पुराने रिकॉर्ड्स से मेल कराया तो हमें दोनों फिंगर प्रिंट्स मेल खाते दिखे. इसके बाद हमनें आरोपी से इस मामले में सख्ती से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान ही आरोपी ने 12 साल पहले हुई इस घटना में शामिल होने की बात मानी. पुलिस ने फिलहाल आरोपी को रिमांड में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement