मथुरा : मां-बाप की हत्या के बाद नहीं मिला इंसाफ, बेटी ने की आत्महत्या

मृतका राखी (19) जिला प्रशासन को आत्महत्या करने की धमकी दे चुकी थी. लेकिन परिणाम कुछ भी न निकला.’ उन्होंने बताया, ‘संभवतः इसी वजह से उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया.’

मथुरा : मां-बाप की हत्या के बाद नहीं मिला इंसाफ, बेटी ने की आत्महत्या

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

मथुरा:

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक युवती ने माता-पिता की नृशंस हत्या तथा लूट की घटना के सात माह गुजर जाने के बाद भी कथित रूप से न्याय न मिल पाने पर रविवार को जहर खा लिया. इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई. युवती की मौत के बाद स्थानीय लोगों एवं राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मथुरा-गोवर्धन रोड पर जाम लगा दिया तथा परिवार को आर्थिक सहायता, बच्चों को सरकारी नौकरी का आश्वासन एवं हत्याकाण्ड का खुलासा करने जैसी मांगों को लेकर , युवती का शव पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने का विरोध करने लगे.

हर प्रकार की मदद के आश्वासन पर यह विरोध समाप्त हुआ. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बीते आठ मार्च को कुछ बदमाशों ने हाईवे थाना क्षेत्र की अमर कालोनी निवासी ट्रांसपोर्टर बनवारी सिंह (46) तथा उनकी पत्नी रवि बाला शर्मा (40) की सोते समय हत्या कर दी और निर्माणाधीन मकान के लिए लाई गई करीब तीन लाख रूपये की धनराशि एवं आभूषण लूट ले गए. इस दंपती के तीनों बच्चे उस दिन पड़ोसी के घर पर सोने की वजह से बच गए थे.

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तीनों बच्चों में एक पुत्री ही बालिग थी और पुत्र तथा दूसरी पुत्री नाबालिग हैं. इस घटना के बाद तीनों अकेले रह गए. उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और माता-पिता के हत्यारों का पता चलने का इंतजार करते रहे. बताया जाता है कि बच्चों ने जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक का ध्यान आकर्षित करने के लिए घर पर तथा कलेक्ट्रेट पर एक दिन से लेकर 7 दिन तक की भूख हड़ताल की. इस बीच, कुछ अधिकारी बदल गए, लेकिन मामले में कोई प्रगति नहीं हुई.

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बच्चों की मांग का समर्थन करते चले आ रहे रालोद जिलाध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह ने बताया, ‘इन हालात में निराश होकर मृतका राखी (19) जिला प्रशासन को आत्महत्या करने की धमकी दे चुकी थी. लेकिन परिणाम कुछ भी न निकला.’ उन्होंने बताया, ‘संभवतः इसी वजह से उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया.’ मौके पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) रविंद्र कुमार ने बताया, ‘जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी ने इस परिवार की दूसरी बेटी के बालिग हो जाने पर सरकारी नौकरी दिलवाने के लिए मुख्यमंत्री के स्तर से भरोसा दिलाने की बात कही है.’ अपर पुलिस अधीक्षक (शहर) श्रवण कुमार सिंह ने बताया, ‘एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने थाना हाईवे की विवेचना में बरती गई लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के चलते निरीक्षक गिरीश चंद्र तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मामले की जांच अपराध शाखा के निरीक्षक डीएन मिश्रा को सौंप दी है.’
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)