गुरुग्राम: बिजनेसमैन की खुदकुशी के मामले में पुलिस सुस्त, मौत से पहले सरकार से लगाई थी गुहार

पार्टनर के धोखा देने और कर्ज से परेशान होकर बिजनेसमैन राजीव नासा ने आत्महत्या की थी, सुसाइड नोट में नाम होने के बादजूद पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया, परिवार इंसाफ पाने के लिए भटक रहा

गुरुग्राम: बिजनेसमैन की खुदकुशी के मामले में पुलिस सुस्त, मौत से पहले सरकार से लगाई थी गुहार

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

गुरुग्राम (Gurugram) के सेक्टर-4 में एक बिजनेसमेन ने 4 अगस्त को आत्महत्या कर ली थी लेकिन अभी तक इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. उनका परिवार इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है. सुसाइड करने से पहले व्यापारी राजीव नासा ने सरकार को भी मरने की वजह बताकर ईमेल किया था. इस पूरे मामले में पुलिस की जांच भी सुस्त पड़ी हुई है.

चार अगस्त को सुबह 4 बजकर 53 मिनिट पर गुरुग्राम के सेक्टर-4 में 42 वर्षीय राजीव नासा नाम के व्यापारी ने 
सुसाइड कर लिया था. मरने से पहले उन्होंने सरकार को अपनी मौत की वजह बता दी थी. दरअसल कुछ समय पहले ही उसने अपने पार्टनर सुशील वशिष्ठ के साथ मिलकर कंस्ट्रक्शन का काम शुरू किया था. इस दौरान उसने सुशील वशिष्ठ को लाखों रुपये भी दिए थे. जींद उन्होंने में जो प्रोजेक्ट शुरू किया उसमें यह सारी रकम लगाई गई. 

जींद में नेशनल हाईवे के निर्माण का कार्य किया जा रहा था जिसमें शिव बिल्ड इंडिया को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था. कंपनी शिव बिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने राजीव नासा की कंपनी को नेशनल हाईवे सड़क निर्माण का सब कांट्रैक्ट दे दिया था. राजीव नासा की कंपनी को शिव बिल्ड इंडिया कंपनी से दो चैक मिले थे जिनमें से एक चेक दो करोड़ और दूसरा  चेक 30 लाख रुपये का था. इसमें बैंक में दो करोड़ का चैक बाउंस हो गया. इस पर राजीव ने अपने पार्टनर सुशील से इस बारे में बात की तो उन्होंने इसको नजरअंदाज करना शुरू कर दिया. राजीव इस मामले पर सुशील से मिलने की लगातार कोशिश करता रहा लेकिन सुशील राजीव से नहीं मिला. इसके बाद राजीव परेशान रहने लगा. यही नहीं इस पूरे प्रोजेक्ट में राजीव ने बैंक से लोन लेकर बिजनेस में इन्वेस्ट किया था. बैंक का भी कर्ज और दबाव आने से राजीव परेशान चल रहा था.

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कुछ समय बाद राजीव नासा को पता चला कि उसके पार्टनर सुशील वशिष्ठ ने दूसरी कंपनी में पार्टनरशीप कर ली है. जो काम राजीव नासा को मिला था वो काम सुशील वशिष्ठ  और सिद्धार्थ गोहिल की नई कंपनी को दे दिया गया. इसके बाद से लगातार राजीव नासा परेशान था और बार-बार संपर्क करने के बाद भी उसे कहीं से राहत नहीं मिली. इसके बाद राजीव ने ट्विटर द्वारा मुख्यमंत्री समेत केद्रीय मंत्री से भी गुहार लगाई लेकिन कहीं से कोई राहत नहीं मिली. इससे राजीव पूरी तरह से टूट गया. इसके बाद चार अगस्त को राजीव नासा ने अपने घर पर ही आत्महत्या कर ली और सुसाइड नोट में सुशील वशिष्ठ और सिद्धार्थ को जिम्मेदार ठहराया.

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अब राजीव का परिवार इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है. अभी तक पुलिस की तरफ से पीड़ित परिवार को कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला है. वहीं इस मामले में अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. परिवार की तरफ से लगातार पुलिस से संपर्क किया जा रहा है लेकिन पुलिस सिर्फ जांच का आश्वासन दे रही है. पीड़ित परिवार की मांग है कि आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए.