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तीन साल से फ्रीजर में रखा था महिला का शव, पत्रकार को लगी भनक तो हुआ खुलासा

कोलकाता की घटना, पुत्र द्वारा पेंशन राशि लेने के लिए महिला के शव को रसायनिक रूप से संरक्षित करके रखे जाने का शक

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तीन साल से फ्रीजर में रखा था महिला का शव, पत्रकार को लगी भनक तो हुआ खुलासा

कोलकाता में बेटे ने अपनी मां का शव तीन साल से फ्रीजर में रखा था.

खास बातें

  1. महिला के 50 साल के बेटे को पुलिस ने हिरासत में लिया
  2. महिला के पति से पूछताछ कर रही पुलिस
  3. पुत्र ने पिता से कहा था, मां को जीवित कर देगा
कोलकाता: कोलकाता पुलिस ने गुरुवार को एक घर के फ्रीजर से एक महिला का शव बरामद किया जिसे रसायन लगाकर तीन साल से अच्छी तरह संरक्षित रखा गया था. शक है कि उसके बेरोजगार बेटे ने महिला की पेंशन राशि लेने के जरूरी उसके अंगूठे का निशान लेने के उद्देश्य से ऐसा किया.

यह विचित्र मामला शहर के दक्षिणी इलाके बेहालाके एक घर में सामने आया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि बीना मजूमदार का शव उस फ्रीजर से बरामद किया गया जिसका इस्तेमाल मीट रखने के लिए होता है. उन्होंने कहा कि महिला के करीब 50 साल के बेटे सुब्रत मजूमदार को हिरासत में लिया गया है और पुलिस उससे तथा महिला के पति गोपाल चंद्र मजूमदार से पूछताछ कर रही है.

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पत्रकार ने बुधवार को इस संबंध में पुलिस को फोन किया जिसके बाद पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की. पत्रकार कल उस इलाके में किसी खबर के सिलसिले में गया था और तब स्थानीय लोगों ने उसे मजूमदार परिवार में सब कुछ सही नहीं होने के बारे में सतर्क किया था. पड़ोसी जानते थे कि एक निजी अस्पताल में महिला का निधन हो चुका था लेकिन उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि उसके शव का क्या हुआ.

पुलिस अधिकारी ने कहा कि महिला की मौत करीब तीन साल पहले हो चुकी थी और उसके शव को दो मंजिला मकान के भूतल में एक कमरे में विशाल फ्रीजर में बंद करके रखा गया था. बंद कमरे में दो फ्रीजर रखे हुए थे. अधिकारी ने कहा कि महिला का शव एक फ्रीजर में रखा हुआ था जबकि दूसरा फ्रीजर खाली पड़ा था.

पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि दूसरा फ्रीजर किस उद्देश्य से रखा गया था. अधिकारी ने कहा, ‘‘ महिला का शव छाती से पेट तक कटा हुआ था और उसके अंदरूनी अंग निकाल लिए गए थे. ऐसा लगता है कि किसी ने शव का लेपन किया था और उसके बाद उसे फ्रीजर में रखा गया था. हमें इसमें उसके बेटे सुब्रत का हाथ होने का शक है. उसे हिरासत में लिया गया है और हम उससे तथा उसके पिता से बात कर रहे हैं.’’कोलकाता पुलिस के एक सूत्र ने कहा कि शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि यद्यपि महिला की मौत करीब तीन साल पहले हो गई थी लेकिन परिवार हर महीने उसकी पेंशन निकालता रहा है.

उन्होंने कहा कि गोपाल चंद्र मजूमदार और बीना भारतीय खाद्य निगम में काम करते थे और उनकी अच्छी- खासी पेंशन है. पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘इन महीनों के दौरान उनकी उंगलियों के निशान पेंशन निकालने के लिए इस्तेमाल किए गए. हम यह देख रहे हैं कि इसके पीछे क्या सिर्फ पेंशन ही वजह थी या कुछ और मामला है.’’

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पुलिस अधिकारी महिला के पति से भी बात कर रहे हैं जिससे यह पता चल सके कि किसने और किस उद्देश्य से शव को संरक्षित किया. पुलिस सूत्रों का कहना है कि गोपाल चंद्र मजूमदार ने उन्हें बताया कि उसका मानना है कि उसके बेटे ने ऐसा किया, जिसने वादा किया था कि वह बीना को जिंदा कर देगा. महिला का बेटा पिछले करीब दो सालों से बेरोजगार था और ऐसा लगता है कि वह पेंशन की रकम हासिल करने के लिए ऐसा कर रहा था.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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