लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों के नाम पर बने ई-पास के जरिए कर रहे थे ड्रग्स की तस्करी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले 2 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो लॉकडाउन में मिले ई-पास का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए कर रहे थे.

लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों के नाम पर बने ई-पास के जरिए कर रहे थे ड्रग्स की तस्करी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

आरोपियों के पास से 2 करोड़ रुपये कीमत की 12 किलो ओपियम बरामद हुई है

नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले 2 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो लॉकडाउन में मिले ई-पास का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए कर रहे थे. प्रवासी मजदूरों को घर भेजने की आड़ में ये लोग झारखंड से 12 करोड़ की ड्रग्स दिल्ली और पंजाब ला चुके हैं. ई-पास पंजाब के होशियारपुर के SDM ने जारी किया था. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के मुताबिक इंस्पेक्टर शिवकुमार को जानकारी मिली कि बुराड़ी चौक के पास 2 लोग ड्रग्स लेकर आने वाले हैं और उन्हें ये ड्रग्स दिल्ली और पंजाब में किसी को सप्लाई करनी है. 

29 मई की सुबह उसी जगह पर एक इटियोस कार आकर रुकी और पुलिस ने कार में बैठे 2 लोगों को पकड़ लिया है. इनके पास से 2 करोड़ रुपये कीमत की 12 किलो ओपियम बरामद हुई है. जो इन्होंने कार में एक कैविटी बनाकर छुपाई हुई थी. दोनों की पहचान शान मसीह और चेतन पटियाल के रूप में हुई है. दोनों पंजाब के होशियारपुर के रहने वाले हैं. इनकी गाड़ी में एसडीएम होशियारपुर द्वारा जारी एक ई पास भी मिला है.

दोनों ने बताया कि ई पास उन्होंने प्रवासी मजदूरों को झारखण्ड ले जाने के नाम पर बनवाया था लेकिन लॉकडाउन में इसी पास के जरिये वो 3 बार झारखण्ड जा चुके हैं और झारखड के नक्सल प्रभावित इलाके हजारीबाग से करीब 50 किलो ओपियम दिल्ली और पंजाब में ला चुके हैं. जिसकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपये हैं. आरोपियों ने बताया कि उनके गैंग का मास्टरमाइंड गुरमीत सिंह है जो पंजाब में है. वो नशीले पदार्थों का बड़ा कारोबारी है. जांच चल रही है कि आखिर इन्हें ई-पास किसकी सिफारिश पर जारी हुआ था.

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