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मध्यप्रदेश में सुरक्षित नहीं पत्रकार, सबसे ज्यादा हमले हुए

मध्यप्रदेश में पिछले दो साल में पत्रकारों पर हमले के 43 मामले दर्ज हुए, देश में पत्रकारों के खिलाफ सबसे अधिक अपराध राज्य में

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मध्यप्रदेश में सुरक्षित नहीं पत्रकार, सबसे ज्यादा हमले हुए

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने लोकसभा में 2015-16 के अपराध के आंकड़े दिए.

भोपाल:

बलात्कार, बुजुर्गों के साथ अपराध जैसे कई मामलों में पहले पायदान के आसपास खड़ा मध्यप्रदेश, पत्रकारों पर हमलों के मामले में भी नंबर वन है. यह जानकारी खुद केन्द्र सरकार ने लोकसभा में दी है.
   
सरकार ने बताया है कि मध्यप्रदेश में पिछले दो साल में पत्रकारों पर हमले के 43 मामले दर्ज हुए हैं. आंध्र प्रदेश में 7, राजस्थान में 5, त्रिपुरा में 5 और उत्तर प्रदेश में 4 मामले दर्ज हुए. सरकार कह रही है वह पत्रकारों के संरक्षण के लिए कानून बनाएगी. कानून मंत्री रामपाल सिंह ने कहा पत्रकारों का सम्मान संरक्षण जरूरी है, उनके लिए क्या अच्छा कर सकते हैं, जो जरूरत होगी उसको प्रभावी ढंग से लागू करेंगे.

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कांग्रेस का आरोप है न सिर्फ पत्रकार बल्कि जनता सरकार से त्रस्त है. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा बात सही है चाहे वो उमरिया का मामला हो या इंदौर का बहुत सारे उदाहरण हैं. वैसे तो हर वर्ग सरकार से पीड़ित है महिलाएं-बच्चियां सब.


केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने 2015-16 के आंकड़े दिए, जबकि 2017 में भी मध्यप्रदेश में मंदसौर में कमलेश जैन की हत्या के साथ पत्रकारों पर हमले के आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हुए.



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