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मुंबई : कारें चुराने और उनमें बदलाव करके बेचने का अजब-गजब तरीका...

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मुंबई : कारें चुराने और उनमें बदलाव करके बेचने का अजब-गजब तरीका...

मुंबई में कार चोर गिरोह पकड़ा गया है. गिरोह के पास से बड़ी मात्रा में पुरानी कारों के पार्ट्स बरामद हुए हैं.

खास बातें

  1. कबाड़ और दुर्घटना में खराब कारों में हेरफेर करने वाला गिरोह पकड़ा गया
  2. गिरोह के पास से भारी संख्या में चोरी के पार्ट्स बरामद
  3. गिरोह ने पुणे में बाकायदा गैरेज बना रखा था
मुंबई: अगर आप पुरानी कार खरीदने की सोच रहे हैं तो सावधान हो जाइए. हो सकता है कोई चोरी की कार आपके गले फंस जाए. इसलिए कोई भी पुरानी कार खरीदने के पहले आरटीओ में जाकर उसकी पहले की पूरी जानकारी जरूर निकाल लें. मुंबई पुलिस की अपराध शाखा यूनिट एक और एंटी मोटर व्हीकल थेफ्ट यूनिट ने कार चोरों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कबाड़ हो चुकी और दुर्घटना में बिलकुल खराब हो चुकी कारों को सस्ते दाम में खरीदकर उसके पेपर और इग्नीशन यूनिट उसी तरह की दूसरी चोरी की कारों में फिट करके बेच देते थे.
 
mumbai car theft

अपराध शाखा के डीसीपी विनय राठौड़ ने बताया कि अभी तक कुल तीन आरोपी पकड़े गए हैं बाकी की तलाश चल रही है. डीसीपी राठौड़ के मुताबिक नियम है कि अगर कोई कार दुर्घटना में 70 फीसदी से अधिक खराब हो जाए तो वह सड़क पर फिर से नहीं चलाई जा सकती. बीमा की प्रक्रिया और केस खत्म होने के बाद उस कार के चेसिस और इंजिन नंबर काटकर आरटीओ में जमा करना पड़ता है. लेकिन यहां शातिर गिरोह  उसका इस्तेमाल चोरी की गाड़ियों को असली बनाकर बेचने में कर रहे थे. उनके पास से अभी तक नौ गाड़ियां बरामद की गई हैं. साथ ही 25 से भी अधिक  इग्नीशन यूनिट, कार की चाबियां, नंबर प्लेट, स्पीडो मीटर और एसीएम मशीन भी बरामद की गई हैं.
 
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पुलिस के मुताबिक शातिर गिरोह पहले कबाड़ हो चुकी या फिर दुर्घटना में बुरी तरह से खराब हो चुकी कारों को कौड़ियों के दाम में खरीद लेते थे. वे थोड़े और पैसे का लालच देकर कार मालिक से दस्तावेज भी ले लेते थे. बाद में उसी मॉडल और सीरीज की कार खोजकर उसे चुरा लेते थे.

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उनका कार चुराने का तरीका भी अनोखा था. वे सबसे पहले कबाड़ में खरीदी गई कार का इग्नीशन यूनिट निकालकर अपने पास रख लेते थे फिर सड़क पर पार्क की गई उसी मॉडल की कार का शीशा तोड़कर उसके इग्नीशन यूनिट की जगह उसे फिट कर देते थे. इसके बाद पुरानी कार की चाभी से उस कार को स्टार्ट करके ले उड़ते थे.
 
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इसके बाद शुरू होता चुराई गई कार को असली कार में बदलने का काम. इसके लिए पुणे के ऊंदरी में गिरोह ने बाकायदा एक गैरेज बना रखा था. वहां चोरी की कार ले जाकर उसमें पुरानी कार की नंबर प्लेट, चेसिस नंबर, इंजिन नंबर चढ़ा देते. इतना ही नहीं उसमें स्पीडो मीटर, ई मोबीलाइजर और एसीएम मशीन भी पुरानी कार क ही जोड़ देते थे ताकि अगर किसी सर्विस सेंटर में कार जाए तो उसकी पूरी हिस्ट्री भी उसी नम्बर की कार की मिले जिसे उन्होंने कबाड़ में खरीदा था.

अब पुलिस यह पता करने में जुटी है कि इस गिरोह ने इस तरह अब तक कितनी कारों का गोलमाल किया है.


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