मुंबई में बच्चों की सौदागर महिलाओं के गिरोह का पर्दाफाश, दो नवजात मुक्त

गरीब मां-बाप को लालच देकर और फर्जी करार करके जरूरतमंदों को उनके बच्चे बेच दिए जाते थे

मुंबई में बच्चों की सौदागर महिलाओं के गिरोह का पर्दाफाश, दो नवजात मुक्त

मुंबई पुलिस ने बच्चों की सौदागर महिलाओं के गिरोह को पकड़ा है.

खास बातें

  • तीन बेटियां होने के बाद भी बेटा खरीदने वाला पिता भी गिरफ्तार
  • एक टीम अस्पताल में गरीब-मां बाप की पहचान करती थी
  • दूसरी टीम जरूरतमंदों की तलाश करके सौदा करती थी
मुंबई:

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने एक ऐसे महिला गिरोह का पर्दाफाश  किया है जो दो से चार लाख रुपये में बच्चों का सौदा करता था. इसके लिए उन्होंने बाकायदा दो टीमें बना रखी थीं. एक टीम अस्पतालों में गरीब मां-बाप की तलाश करती थी तो दूसरी टीम जरूरतमंदों को खोजकर सौदे को अंजाम देती थी.

चार महिलाएं सुनंदा मसाने, सविता सालुंखे, भाग्यश्री कोली और आशा जोसेफ बच्चों की सौदागर हैं. वे फर्जी करार करके नवजात बच्चों को दो से चार लाख रुपये में बेच देती थीं. मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने इन्हें गिरफ्तार कर अब तक दो नवजात बच्चों को मुक्त कराया है.

गिरफ्तार आरोपियों में से एक महिला अस्पताल की चौकीदार थी जो गरीब मजबूर मां की पहचान करती थी. दूसरी एक महिला आरोपी अस्पताल में नर्स का काम कर चुकी थी. आरोपी महिलाएं शातिर हैं और इनमें से एक पहले भी बच्चा चोरी के आरोप में गिरफ्तार हो चुकी है.

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पुलिस को शक है कि आरोपी महिलाओं ने और भी बच्चों का सौदा किया होगा इसलिए पुलिस ने फोन नंबर जारी कर लोगों से बच्चा चोरी या बिक्री की जानकारी होने पर सूचित करने का आह्वान किया है.

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इस कहानी में सबसे हैरान करने वाली बात है कि भिवंडी में रहने वाले अमर देसाई ने तीन बेटियां होने के बाद भी तीन लाख 85 हजार रुपये में बेटा खरीदा था. इसके लिए उसने अपनी टैक्सी और बाकी की जमा पूंजी बेचकर पैसा चुकाया था. पुलिस ने अमर देसाई को भी मामले में आरोपी बनाया है.

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