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NDTV Exclusive : दादरी में दहशत, एक ही पैटर्न पर फायरिंग की पांच वारदातें

दादरी में एक खास समुदाय के लोगों पर एक ही तरीके से फायरिंग करके निशाना बनाया जा रहा, एक महीने में हुईं पांच घटनाएं

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NDTV Exclusive : दादरी में दहशत, एक ही पैटर्न पर फायरिंग की पांच वारदातें

खास बातें

  1. बाइक पर सवार होकर आते हैं दो से तीन लोग
  2. कमर पर पीछे से गोली मारकर हो जाते हैं फरार
  3. रात नौ से 11 बजे के बीच की जाती हैं वारदातें
नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर के ग्रेटर नोएडा के दादरी इलाके में कुछ लोग बाइक से आते हैं और रात के अंधेरे में एक समुदाय के लोगों को लगातार गोलियां मार रहे हैं. पिछले एक महीने के अंदर पांच घटनाएं हुई हैं जिनमें पांच लोग घायल हुए हैं. एक शख्स बाल-बाल बच गया. सवाल ये है क्या कोई माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है?

ग्रेटर नोएडा के पास दादरी इलाके में एक समुदाय में दहशत का माहौल है. पूरा सच जानने के लिए सबसे पहले हम मिले 57 साल के फ़ैयाज़ अहमद से. पेशे से दर्जी फ़ैयाज़ 10 जुलाई को रात करीब 10:30 बजे अपने घर लौट रहे थे, तभी दादरी मेन रोड पर बाइक पर आए 2 लोगों ने पीछे से आकर उनकी कमर के पीछे गोली मार दी. एम्स में इलाज कराने के बाद फ़ैयाज़ अपने घर पहुंच चुके हैं, लेकिन गोली अब तक उनके जिस्म में फंसी हुई है. फ़ैयाज़ के पास पैसे भी थे लेकिन उन्हें नहीं लूटा. उनका कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है. कोई है जो दो समुदायों के बीच माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है.
 
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इसी इलाके में रहने वाला 14 साल का फैज़ान 12 जुलाई को अपने पिता की मीट की दुकान से लौट रहा था. दादरी मेन रोड पर रात करीब 9 बजकर 40 मिनट पर बाइक पर सवार 2 लोग पीछे से आए और उसकी कमर के पीछे गोली मार दी. इस 14 साल के बच्चे की किसी से क्या दुश्मनी होगी? मोहम्मद फैज़ान के मुताबिक वे लोग बाइक पर सवार थे और गोली मारने के बाद अंधेरे में तेज स्पीड से निकल गए. फैज़ान के पिता निज़ामुद्दीन के मुताबिक उनकी या उनके बच्चे की किसी से कोई रंजिश नहीं है. फैज़ान अब खतरे से बाहर है और अपने घर पर है.
 
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इसी तरह पेशे से दर्जी 26 साल का इरफान 14 जुलाई को अपनी दुकान बंद करने के बाद घर जा रहा था. रात के अंधेरे में बिना बात किए बाइक सवार दो लड़कों ने रात करीब 9:30 बजे उस पर फायरिंग कर दी. लेकिन वह बाल-बाल बच गया. इरफान के मुताबिक उसने पुलिस में शिकायत नहीं कि क्योंकि डर के मारे उसके घरवालों ने शिकायत दर्ज करवाने से मना कर दिया था.

दादरी के ही नई आबादी इलाके के रहने वाले 30 साल के शौकीन का परिवार बेहद गरीब है. शौकीन का 4 भाईयों का परिवार है और सभी मज़दूरी करते हैं. शौकीन 22 जुलाई को अपना मोबाइल रिचार्ज कराने के बाद लौट रहे थे कि तभी बाइक पर सवार तीन लड़के आए और रात करीब 9 बजे औरों की तरह उनकी कमर में गोली मार दी. शौकीन ठीक से बात नहीं कर पा रहा. उसका इलाज पूरा करने की बजाय उसे अस्पताल से पहले ही घर भेज दिया गया. उसके शरीर में ज़ख्म का निशान साफ दिख रहा है, जिस पर मक्खियां भिनभिना रही थीं. उसका इन्फेक्शन लगातार बढ़ता जा रहा है.
 
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यहीं मेवातियन मोहल्ले में रहने वाला पेशे से ड्राइवर 24 साल का सलमान अपने दोस्त अफसर के साथ 9 अगस्त को ईंट के भट्टे पर जा रहा था. रात 10 बजकर 20 मिनट पर 2 बाइक सवार लड़कों ने बिना बातचीत किए उसकी कमर के पीछे जबकि अफसर के पैर में गोली मार दी. दोनों खतरे से बाहर हैं. अफसर का इलाज चल रहा है. सलमान के मुताबिक हमलावरों ने हमसे कोई बातचीत नहीं की, सीधे गोली मारी और भाग गए. अफसर की मां मुनीशा के मुताबिक उसके बेटे की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है.
 
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खास बात ये है कि सभी को गोलियां एक ही पैटर्न पर कमर के पीछे मारी जा रही हैं. केवल अफसर के पैर में गोली लगी है. गोली मारने का समय रात 9 से 11 के बीच है और निशाना एक ही समुदाय के गरीब तबके के लोगों को बनाया जा रहा है, जिन्हें न कानून का ज्ञान है और न कोर्ट कचहरी की समझ. उनके पास इलाज़ तक के पैसे नहीं हैं. गोली भी शरीर में ऐसी जगह मारी जा रही है जिससे किसी की मौत न हो, यानि मक़सद दहशत फैलाना हो सकता है.

पुलिस ने हत्या की कोशिश के 4 मामले दर्ज किए हैं. वह मानती है कि कोई एक समुदाय के लोगों पर लगातार गोलियां चला रहा है लेकिन हमलवारों का सुराग अब तक उनके पास नहीं. ग्रेटर नोएडा के एसपी आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक हमारी कई टीमें काम कर रही हैं. हम हमलावरों को जल्दी पकड़ लेंगे. ऐसा लगता है कि इस तरह के हमले के जरिए हमलावरों की मंशा माहौल बिगाड़ने की हो. वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि एक समुदाय को निशाना बनाने के पीछे एक बड़ी साजिश हो सकती है.
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पेशे से वकील और समाजवादी पार्टी के नेता नवीन भाटी का कहना है कि दादरी में हिन्दू और मुस्लिम समुदायों के लोग रहते हैं लेकिन यहां कभी कोई दंगा नहीं हुआ. अब कुछ वोट के भेड़िए वोट पाने के लिए दोनों समुदायों को लड़ाने की साज़िश कर रहे हैं. इसी इलाके के रहने वाले याकूब मालिक का कहना है कि ये कोई सिरफिरा इंसान नहीं करता अगर वो करता तो किसी एक समुदाय के लोगों को ही गोली नहीं मारता, सबको मारता. इसके पीछे जो भी हो लेकिन वह माहौल खराब करने के अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाएगा.

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VIDEO : दादरी में अंधेरे में पीठ पर गोली चलाने वाले कौन?


अब पुलिस जांच के बाद ही साफ होगा कि हमलावर महज़ 2-3 दिन हैं या इसके पीछे संगठन है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि लगातार इस तरह की वारदातों के बाद भी हमलावर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.


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