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285 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने के लिए बेटे ने मरी मां को सात साल तक बताया जिंदा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिस अधिकारी (Noida Police) के अनुसार आरोपी शख्स के खिलाफ उसके भाई ने हमें शिकायत दी थी. इसपर ही कार्रवाई करते हुए हमनें उसे गिरफ्तार किया है.

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285 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने के लिए बेटे ने मरी मां को सात साल तक बताया जिंदा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

प्रतीकात्मक चित्र

खास बातें

  1. भाई ने की थी पुलिस से शिकायत
  2. मुंबई में रहता था आरोपी परिवार
  3. सात साल से कर रहा था फर्जीवाड़ा
नई दिल्ली:

नोएडा पुलिस (Noida Police) ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो 285 करोड़ रुपये की संपत्ति को हड़पने के लिए अपनी मरी मां को कागजों में जिंदा बता रहा था. पुलिस (Noida Police) ने आरोपी शख्स के साथ-साथ उसकी पत्नी और बेटे को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस अधिकारी (Noida Police) के अनुसार आरोपी शख्स के खिलाफ उसके भाई ने हमें शिकायत दी थी. इसपर ही कार्रवाई करते हुए हमनें उसे गिरफ्तार किया है. पुलिस (Noida Police) ने आरोपी शख्स की पहचान सुनील गुप्ता के रूप में की है. जबकि उसकी पत्नी और बेटे की पहचान राधा और अभिषेक के रूप में हुई है. कोर्ट के आदेश के बाद नोएडा सेक्टर 20 में तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया. पुलिस (Noida Police) की जांच में पता चला कि अपनी मां की मौत के बाद सुनील गुप्ता ने फर्जी दस्तावेज बनाकर यह साबित करने की कोशिश की थी कि उसकी मां अभी जिंदा है. आरोपी ऐसा करके अपनी मां के नाम पर चल रही कंपनी को अपने नाम पर कराना चाहता था. 

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पुलिस अधिकारी के अनुसार सुनील गुप्ता की मां का निधन 7 मार्च 2011 में हुई थी. सुनील की मां के नाम पर 285 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें मुंबई में एक मोमबत्ती बनाने वाली फैक्ट्री भी है जिसका एक दफ्तर नोएडा में भी है. आरोपी के मां की इच्छा थी कि उसकी मौत के बाद उसके संपत्ति को उसके बेटों में बराबर बांट दी जाए. लेकिन दूसरे विजय ने सुनील के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर कर दी. उसने आरोप लगाया कि उसका भाई सुनील फर्जी दस्तावेज की मदद से मां की संपत्ति को हड़पना चाहता है.

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विजय ने आरोप लगाया कि सुनील ने बगैर उनसे बात किए मां की मौत के तुरंत बाद कंपनी के खाते से 29 करोड़ रुपये निकाल कर अपने किसी दोस्त की कंपनी में लगाया. विजय का आरोप है कि सुनील गुप्ता ने मुंबई में रजिस्ट्रार ऑफिस में दस्तावेज पेश कर दावा किया था कि उसकी मां ने उसे यह फैक्ट्री गिफ्ट में दी है. कानून के तहत आप किसी मरने के बाद उसके द्वारा गिफ्ट दिए जाने का दावा नहीं कर सकते. सुनील को इस बात का पता था और  इसलिए ही मां को कागजों में जिंदा बताया. नोएडा पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया है जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. 



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