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पुलिस की राइफल छीनने वाला मध्य प्रदेश का भील गैंग एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार

पुलिस ने 4 टीमे गठित की और काफी मशक्कत के बाद स्थानी क्रिमनल इंटेलिजेंस से पता किया कि स्थानी हमीद और अफ़रोज़ नाम के दो लोग बाहरी लोगों के साथ देखे गए हैं.

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पुलिस की राइफल छीनने वाला मध्य प्रदेश का भील गैंग एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार

खास बातें

  1. पूछताछ से पता चला कि ये गैंग मध्यप्रदेश के धार जिले के भगोली गॉव का है.
  2. इस गैंग ने 100 के आसपास वारदातों को अंजाम दिया है.
  3. कहा, जैसे ही कांस्टेबल ज़मीन पर गिरा गैंग वाले राइफल लेकर भाग निकले.
बेंगलुरु: बेंगलुरु पुलिस को एक खतरनाक गैंग को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हाथ लगी है. बेंगलुरु पुलिस शुक्रवार तड़के जब बेंगलुरु के यलहंका में राय सिंह भील के बेंगलुरु स्थित उसके ठिकाने पहुंची तो इसके चार साथियों ने पुलिस टीम पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया. पुलिस ने गोली चलाई जिसमे चार में से तीन अपराधी घायल हो गए. पुलिस को यहां 303 बोर की वो राइफल मिल गई जो इस गैंग ने 18 जनवरी को पुलिस से छीनी थी. दरअसल 18 जनवरी को रात तक़रीबन 2 बजे पुलिस को सूचना मिली कि 4 लोग कोडिगेहल्ली इलाके में धारदार हथियारों के साथ घूम रहे हैं. कोडिगेहल्ली थाने के एसएचओ 2 कांस्टेबल के साथ वहां पहुंचे लेकिन पुलिस को देखते ही इन लोगों ने पत्थरों से हमला कर दिया. बेंगलुरु के पुलिस कमिशीनर टी सुनील कुमार ने बताया कि 'जैसे ही कांस्टेबल ज़मीन पर गिरा गैंग वाले राइफल लेकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग खड़े हुए'.

पुलिस ने 4 टीमे गठित की और काफी मशक्कत के बाद स्थानी क्रिमनल इंटेलिजेंस से पता किया कि स्थानी हमीद और अफ़रोज़ नाम के दो लोग बाहरी लोगों के साथ देखे गए हैं.

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इन दोनो से पूछताछ से पता चला कि ये गैंग मध्यप्रदेश के धार जिले के भगोली गॉव का है, उस गाँव में भील जनजाति के लोगों का ये गैंग है. फिर मध्यप्रदेश पुलिस की मदद से जब पुलिस टीम भगोली गांव पहुंचीं तो गांव वालों ने पुलिस पर हमला कर दिया. हवाई फायर करके पुलिस टीम ने वहां से गैंग लीडर राय सिंह भील को गिरफ्तार करके बेंगलुरु लाई जहां उसने बताया कि गैंग के 4 लोग यहां मौजूद हैं जिनकी गिरफतारी के दौरान पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी थी. टी सुनील कुमार के मुताबिक 'ये गैंग दिन में घरों को चिन्हित करता था और रात में जिस घर मे चोरी करता उसके आसपास के घरों को बाहर से बन्द कर देता था ताकि कोई इनलोगों के काम में बाधा न बने'.

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अबतक की जांच से पता चला है कि 10 लोगों का ये गैंग दो हिस्सों में बंटा था. वारदात के बाद 4-5 लोग वापस मध्यप्रदेश चले जाते और दूसरा ग्रुप बेंगलुरु आ जाता. बेंगलुरु मैसूर के अलावा आंध्रप्रदेश और तामिलनाडू में इस गैंग ने 100 के आसपास वारदातों को अंजाम दिया है
 


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