व्हाट्सऐप ग्रुप में अचानक मेंबर एक-दूसरे को भेजने लगे अश्लील मैसेज! करतूत निकली हैकर की

हैकर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, व्हाट्सऐप हैकिंग से बचने के लिए अपना ओटीपी नंबर किसी और को न बताएं

व्हाट्सऐप ग्रुप में अचानक मेंबर एक-दूसरे को भेजने लगे अश्लील मैसेज! करतूत निकली हैकर की

व्हाट्सऐप एकाउंट हैक करके अश्लील मैसेज भेजने का आरोपी छात्र दिप्तेश सालेचा.

खास बातें

  • राजस्थान के हैकर ने नासिक के व्हाट्सऐप ग्रुप को बनाया निशाना
  • ओटीपी नंबर लेकर हैक किए व्हाट्सऐप एकाउंट
  • दिप्तेश सालेचा ने पुणे और मुंबई में भी लोगों को शिकार बनाया
मु्ंबई:

नासिक पुलिस ने एक ऐसे युवक को पकड़ा है जो राजस्थान में बैठकर नासिक के लोगों के व्हाट्सऐप नंबर हैक कर रहा था और फिर उस नंबर से ग्रुप में अश्लील तस्वीरें और वीडियो भेजकर लोगों को परेशान कर रहा था. लोग परेशान हो गए कि उनके व्हाट्सऐप ग्रुप में यह क्या हो गया? डॉक्टर और अन्य पेशों से जुड़े लोग अचानक अश्लील तस्वीरें और वीडियो एक-दूसरे को क्यों भेजने लगे?

मामले में शिकायतकर्ता डॉ मनीषा रौंदल ने बताया कि उनके मित्रों के अचानक फोन आने लगे कि तुम्हें क्या हो गया है?
क्यों इस तरह के मैसेज और तस्वीरें भेज रही हो? डॉक्टर को समझते देर नहीं लगी कि उनका व्हाट्सऐप नंबर हैक हो गया है...लेकिन कैसे?

नासिक पुलिस साइबर सेल ने तुरंत जांच पड़ताल शुरू की तो हैकिंग के तार राजस्थान से जुड़ते मिले और मास्टरमाइंड निकला बी कॉम फायनल का छात्र दिप्तेश सालेचा.

नासिक शहर के पुलिस आयुक्त डॉ रवींद्रकुमार सिंगल ने बताया कि 24 साल के दिप्तेश सालेचा को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस आयुक्त के मुताबिक हैक से पहले एक मैसेज आता था हैलो-हाय का. उसके बाद में दूसरा मैसेज आता ओटीपी शेयर करने का. चूंकि वह ग्रुप में से ही किसी जान पहचान वाले का नंबर होता था इसलिए लोग भरोसा कर ओटीपी नंबर शेयर कर देते थे. ओटीपी नंबर मिलते ही सामने वाले के सारे संपर्क आरोपी के फोन नंबर में आ जाते और वह उसे दूसरे नंबर से लोगों को परेशान करना शुरू कर देता.

पुलिस की मानें तो दिप्तेश ने नासिक के अलावा पुणे और मुंबई में भी लोगों को शिकार बनाया है. अकेले नासिक में उसने 31 लोगों को अपना शिकार बनाया है जिनमें 29 महिलाएं हैं.

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दरअसल जब हम अपना मोबाइल हैंडसेट बदलने के बाद उसमें फिर से व्हाट्सऐप इंस्टाल करते हैं तो वेरिफिकेशन के लिए उस नंबर पर एक मैसेज आता है जिसमें ओटीपी नंबर लिखा होता है. वह नंबर डालने के बाद ही व्हाट्सऐप फिर से चालू हो पाता है. आरोपी उसी ओटीपी नंबर को मांगकर लोगों के एकाउंट हैक कर रहा था.

पुलिस का कहना है कि हैकिंग से बचने के लिए पहले तो किसी को भी अपना ओटीपी नंबर न बताएं, दूसरा व्हाट्सऐप एकाउंट सेटिंग में जाकर दो स्टेप वेरीफिकेशन कर एकाउंट सुरक्षित जरूर करें.