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खुद को PMO का निदेशक बताने वाला जालसाज़ गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार शख्स का नाम कन्हैया कुमार उर्फ डॉक्टर केके है. पुलिस के मुताबिक कुमार की मुश्किल तब बढ़ गr जब उसने इसी साल 20 सितंबर को सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर से संपर्क किया और इंडियन डिफेंस अकॉउंट सर्विस के एक अधिकारी को मनचाहा पोर्टफोलियो देने को कहा.

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खुद को PMO का निदेशक बताने वाला जालसाज़ गिरफ्तार

पुलिस की गिरफ्तर में कन्हैया कुमार.

खास बातें

  1. पीएमओ का अधिकारी बनक देता रहा धौंस
  2. अधिकारियों से मिलकर मनचाही पोस्टिंग करवाने का करता था काम
  3. सरकार में सख्ती से हो गया था बेकार.
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे जालसाज को गिरफ्तार किया है जो खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का निदेशक बताकर सीनियर ब्यूरोक्रेट से अपने काम करवाता था और उन पर धौंस जामाता था. यहीं नहीं उसने अपने विजटिंग कार्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कमरे का नंबर दिया था, लेकिन फ़ोन नंबर गलत था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार शख्स का नाम कन्हैया कुमार उर्फ डॉक्टर केके है. पुलिस के मुताबिक कुमार की मुश्किल तब बढ़ गr जब उसने इसी साल 20 सितंबर को सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर से संपर्क किया और इंडियन डिफेंस अकॉउंट सर्विस के एक अधिकारी को मनचाहा पोर्टफोलियो देने को कहा. इस पर सीवीसी को शक हुआ और उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में संपर्क किया तो पता चला कि इस नाम का वहां कोई डायरेक्टर नहीं है.

इसके बाद इसकी जानकारी 20 सितंबर को दिल्ली पुलिस को दी गई. पुलिस ने केस दर्ज कर सबसे पहले इंडियन डिफेंस अकॉउंट सर्विस के अधिकारी का पता लगाया जिसके लिए केके पैरवी कर रहा था और फिर उसे नोएडा के सेक्टर 100 से सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया. मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया.

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पुलिस के मुताबिक केके ने अपने विजटिंग कार्ड हैदराबाद में किसी चन्द्रमौली नाम के शख्स से लिए हैं. उसकी तलाश जारी है. केके ने अपने घर का पता दिल्ली के पंडारा रोड का लिखा हुआ था जो घर दिल्ली सरकार के किसी अधिकारी का है. केके खुद को पीएचडी होल्डर बताता है. पुलिस को लगता है उसकी डिग्री फर्जी है. केके एसयूवी कार से ही चलता था जिसमें भारत सरकार का स्टीकर लगा हुआ है.
VIDEO: ऑनलाइन धोखाधड़ी

पुलिस के मुताबिक केके 2014 में तब गायब हो गया था जब मंत्रालयों में दलालों और एजेंटों की धरपकड़ के लिए मुहिम चलाई गई थी उसके बाद उसने एक कॉल सेंटर खोला लेकिन उसमें भी उसे नुकसान हो गया और फिर वो अपने पुराने धंधे में लौट आया.


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