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फुटपाथ पर रहने वाले बच्चों से चोरी कराने वाला गिरोह गिरफ्तार, 40 मोबाइल और 4 लाख से ज्यादा कैश बरामद

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी खास तौर 10 से 12 साल के बच्चों से इस तरह की घटनाएं करवाते थे.

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फुटपाथ पर रहने वाले बच्चों से चोरी कराने वाला गिरोह गिरफ्तार, 40 मोबाइल और 4 लाख से ज्यादा कैश बरामद

प्रतीकात्मक चित्र

खास बातें

  1. बच्चों से जबरदस्ती चोरी करवाते थे आरोपी
  2. मोटी कमाई का देते थे प्रलोभन
  3. रेलवे और मेट्रो स्टेशन पर करते थे चोरी
नई दिल्ली:

शाहदरा पुलिस ने विवेक विहार इलाके से एक ऐसे गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो नाबालिग बच्चों से आपराधिक घटनाएं करवाता था. पुलिस ने गिरोह के सरगना राज कुमार और अनिल समेत पांच आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है. अन्य आरोपियों की पहचान गोलू, अंकित और नासिर के रूप में की है. पुलिस ने आरोपियों के पास 4 लाख रुपये से ज्यादा की कैश और 40 स्मार्ट फोन भी कब्जे में लिया है. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी खास तौर फुटपाथ पर रहने वाले 10 से 12 साल के बच्चों से चोरी करवाते थे. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जल्दी पैसा कमाने के लिए फुटपाथ पर भीख मांगने वाले बच्चों का एक गिरोह बनाया था. इसके बाद आरोपियों ने उन बच्चो को पैसा कमाने का लालच देकर शाहदरा इलाके में एक कमरे में जेबतराशी, ब्लेड चलाने, और झपटमारी की ट्रेनिग दी. पुलिस को आरोपियों के पास से चोरी की मोटरसाइकिल और पिस्तौल भी मिला है. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने दिल्ली में करीब एक दर्जन बच्चों को इस तरह की घटनाओं में शामिल किया. फिलहाल पुलिस ने एक नाबालिग को पकड़कर उसे बाल सुधार गृह भी भेज दिया है. पुलिस गिरोह के लिए काम करने वाले अन्य बच्चों की तलाश कर रही है.  

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शाहदरा जिले की डीसीपी नुपूर प्रसाद ने बताया कि हमनें मिली जानकारी के अनुसार एक नाबालिग को हिरासत में लिया था. पुलिस टीम को उसके पास से चोरी का मोबाइल फोन बरामद हुआ. पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह राजकुमार के लिए काम करता है. साथ ही उसने बताया कि उसके जैसे कई बच्चे राजकुमार के लिए काम करते हैं. आरोपी बच्चों को ब्लेड चलाने की भी ट्रेनिंग देते थे. इसके बाद विवेक विहार पुलिस के एसएचओ मुकेश कुमार की देखरेख में हमनें विशेष टीम गठित की. टीम ने मुखबीर से मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के सरगना राजकुमार, अनिल को गिरफ्तार किया. 

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रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशन पर करते थे चोरी
पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी राजकुमार और अनिल इन बच्चों की मदद से रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशन पर चोरी करवाते थे. गिरोह के लिए काम करने वाले बच्चे की नजर खासतौर पर मोबाइल फोन और पर्स पर होती थी. ऐसा इसलिए भी क्योंकि ट्रेन पकड़ने की जल्दी की वजह से अकसर लोग चोरी की शिकायत कराने नहीं जाते थे. घटना को अंजाम देने के बाद बच्चे चोरी की गई चीजों को राजकुमार व अनिल को लाकर देते थे. इसके बाद राजकुमार और अनिल इन चीजों को बाजार में बेचते थे. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि राजकुमार व उसके साथ साथी ने इन बच्चों से अभी तक 50 से ज्यादा घटनाओं को अंजाम दिलाया है. 

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काम दिलाने के बहाने गांव से लाते थे बच्चे
पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी राजकुमार और अनिल गिरोह के लिए काम करने वाले बच्चों को उनके गांव से लेकर आते थे. ज्यादातर बच्चों को शहर में काम दिलाने के बहाने लाया जाता था. इसके बाद उन्हें मोटी कमाई का प्रलोभन देकर उनसे इस तरह की घटनाएं कराई जाती थी. राजकुमार व अनिल इन बच्चों के रहने और खाने का पीने का भी पूरा इंतजाम करता था.



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