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नाबालिग पत्नी से यौन संबंध अब रेप : किन शादीशुदा जोड़ों पर लागू होगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला

15 से 18 साल की उम्र के बीच की पत्नी के साथ बनाए गए यौन संबंधों को रेप नहीं माना जाता था. सुप्रीम कोर्ट ने इसी प्रावधान को असंवैधानिक और बेतुका बताया है.

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नाबालिग पत्नी से यौन संबंध अब रेप : किन शादीशुदा जोड़ों पर लागू होगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. पहले यौन संबंधों को रेप नहीं माना जाता था.
  2. नाबालिग पत्नी पति के खिलाफ भी रेप का केस दर्ज करा सकती है.
  3. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया.
नई दिल्ली: कड़े कानूनों और सज़ा के प्रवाधानों के बावजूद सदियों से देश में चली आ रही बाल विवाह की कुप्रथा पर ज़ोरदार चोट करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें पत्नी नाबालिग होने की स्थिति में अपने पति के खिलाफ भी यौन संबंध स्थापित करने पर रेप का केस दर्ज करवा सकती है. दरअसल, अब तक भारतीय दंड संहिता, यानी आईपीसी की धारा 375 में एक प्रावधान था, जिसके तहत 15 से 18 साल की उम्र के बीच की पत्नी के साथ बनाए गए यौन संबंधों को रेप नहीं माना जाता था. सुप्रीम कोर्ट ने इसी प्रावधान को असंवैधानिक और बेतुका बताया है.

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इस फैसले को लेकर आम आदमी के दिमाग में बहुत-से सवाल उपज रहे हैं, जिनके जवाब खोजना आसान नहीं है, सो, हम आपके लिए ऐसे सभी सवाल और उनके जवाब लेकर आए हैं...
 
प्रश्न :  किन शादीशुदा जोड़ों पर लागू होगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला...?
उत्तर :  हर उस शादीशुदा जोड़े पर, जहां पत्नी की उम्र 15 से 18 साल के बीच है...

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प्रश्न :  नाबालिग पत्नी से यौन संबंध बनाने को कब रेप माना जाएगा...?
उत्तर :  यदि नाबालिग पत्नी यौन संबंध बनाए जाने के एक साल के भीतर शिकायत दर्ज करवाती है... सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता, यानी आईपीसी की धारा 375 के प्रावधानों में दर्ज उस अपवाद को असंवैधानिक करार दिया है, जिसके तहत नाबालिग पत्नी से यौन संबंध स्थापित करने को रेप माने जाने से छूट दी गई थी...
 
underage marital rapes
 
प्रश्न :  
सुप्रीम कोर्ट ने बाल विवाह की सदियों से चली आ रही प्रथा के बारे में क्या कहा...?
उत्तर  : कोर्ट का कहना था, संसद ने ही विवाह करने के लिए लड़की की कम से कम उम्र 18 साल तय की है, और संसद के बनाए कानून के तहत ही 18 साल से कम उम्र की लड़की यौन संबंधों के लिए सहमति देने की हकदार नहीं... सो, यदि एक लड़की का विवाह 18 साल से कम उम्र में कर दिया जाए, और उसका पति उसके साथ यौन संबंध स्थापित करे, इसे छूट देना कतई बेतुका और असंवैधानिक है...

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प्रश्न : क्या सुप्रीम कोर्ट की निगाह आईपीसी की धारा 375 के प्रावधानों में दर्ज अपवाद पॉस्को कानून के खिलाफ है...?
उत्तर :  सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यह अपवाद भारतीय संविधान के अनुछेद 14 के अंतर्गत देशवासियों को प्रदत्त समानता के अधिकार और अनुछेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन के अधिकार का भी हनन करता है... सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, यह अपवाद पॉस्को कानून का भी उल्लंघन है...
 
प्रश्न : यदि पति भी नाबालिग हो, तो क्या होगा...?
उत्तर : सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता तथा संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ विराग गुप्ता ने NDTV से बताया कि ऐसे किसी मामले भी में जहां नाबालिग पत्नी रेप का केस दर्ज करवाती है, और पति भी नाबालिग है, वहां पति के खिलाफ जुवेनाइल एक्ट के तहत मुकदमा चलाया जाएगा, जिससे उसे कम सज़ा मिलेगी.

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