मोगा डीसी दफ्तर में खालिस्तान का झंडा लगाने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार

विदेश में बैठे हैंडलरों ने दोनों से दिल्ली आने को कहा और यात्रा के लिए उनके अकॉउंट में 20 हज़ार रुपये ट्रांसफर भी किये गए. पुलिस के मुताबिक दिल्ली से इन्हें नेपाल और फिर पाकिस्तान जाना था, वहां इनकी ट्रेनिंग होनी थी.

मोगा डीसी दफ्तर में खालिस्तान का झंडा लगाने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार संदिग्धों के नाम इंदरजीत और जसपाल सिंह है.

नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक खुफिया सूचना के आधार पर खालिस्तान जिंदाबाद फ़ोर्स से जुड़े 2 सदस्यों 31 साल के इंद्रजीत सिंह और 27 साल के जसपाल सिंह को गिरफ्तार किया है,14 अगस्त को दोनों ने पंजाब के मोगा में डीसी दफ्तर की छत पर लगे तिरंगे को फाड़कर खालिस्तान का झंडा लगा दिया था.

स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव के मुताबिक, सूचना मिली थी कि खालिस्तान ज़िंदाबाद फ़ोर्स से जुड़े 2 लोग दिल्ली में अपने विदेशी कमांडरों के आदेश पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि को अंजाम देने वाले हैं. इस सूचना के आधार पर 29 अगस्त को जीटी करनाल रोड से इंद्रजीत और जसपाल को गिरफ्तार किया गया. दोनों पंजाब के मोगा के रहने वाले हैं. इन दोनों के खिलाफ मोगा में देशद्रोह और राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने का केस दर्ज है,क्योंकि इन लोगों ने मोगा डीसी दफ्तर की छत पर लगे राष्ट्रीय ध्वज को फाड़कर खालिस्तान का झंडा लगा दिया था.

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पूछताछ में इंद्रजीत ने बताया कि वो पंजाब में पहले ड्राइवर था, फिर उसने एक एमएनसी में काम किया. वो शुरुआत से ही खालिस्तानी मूवमेंट से प्रभावित था. 8 अगस्त 2020 को उसके चचेरे भाई जग्गा ने यूट्यूब पर सिख फ़ॉर जस्टिस चैनल सुनने के लिए कहा ये चैनल प्रतिबंधित है. उसने ये भी कहा कि उसके वॉट्स एप पर एक लिंक आएगा उस लिंक के जरिये वो खालिस्तान को वोट करे,इंद्रजीत ने चैनल को सब्सक्राइब कर लिया और लिंक पर वोट भी कर दिया.

उसने बताया कि चैनल पर अमेरिका से राणा नाम का शख्स और एक और शख्स भारत के खिलाफ भाषण देता था और कहता था,  'खालिस्तान बनाओ, खालिस्तान का झंडा फहराओ ,14 ,15 और 16 अगस्त को भारतीय झंडे को फाड़ो.'

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राणा ने मोगा में खालिस्तान का झंडा लहराने पर 2500 डॉलर का इनाम देने के लिए कहा था और लाल किले और दूसरी ऐतिहासिक इमारतों पर पर खलिस्तान का झंडा फहराने के लिए 1,25000 डॉलर इनाम देने की घोषणा की थी. इंद्रजीत का दोस्त जसपाल भी उसी के गांव के रहने वाला है और गांव में ही एक इंटरनेट कैफ़े चलाता है. 11 अगस्त को इंद्रजीत सिंह गिल ,जसपाल और आकाशदीप जो कि फिरोजपुर का रहने वाला है, इन तीनों ने मोगा के डीसी ऑफिस में खालिस्तान का झंडा लहराने की साज़िश रची.

13 अगस्त को इन लोगों ने नानकशहर से एक झंडा लिया और उस पर खलिस्तान लिखा, फिर 14 अगस्त को तीनों 2 बाइक पर सवार होकर मोगा के डीसी ऑफिस पहुंचे और फिर जसपाल डीसी ऑफिस की छत पर गया और उसने खलिस्तान का झंडा लगा दिया जबकि राष्ट्रीय ध्वज तिरगें को निकालकर फाड़ दिया.

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आकाशदीप ने इसका वीडियो बनाकर वॉट्स एप पर राणा को भेजा. उसके यूट्यूब चैनल पर अपलोड हुआ और वायरल हो गया. इसके कुछ दिनों पर मोगा पुलिस ने आकाशदीप को गिरफ्तार कर लिया. जबकि इंद्रजीत और जसपाल तब से फरार हैं.

विदेश में बैठे हैंडलरों ने दोनों से दिल्ली आने को कहा और यात्रा के लिए उनके अकॉउंट में 20 हज़ार रुपये ट्रांसफर भी किये गए. पुलिस के मुताबिक दिल्ली से इन्हें नेपाल और फिर पाकिस्तान जाना था, वहां इनकी ट्रेनिंग होनी थी.

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