ATM Cheating: बिहार में देखा क्राइम पैट्रोल, दिल्ली में करने लगा वारदात

पुलिस ने इनके पास से अलग अलग बैंकों के कई एटीएम कार्ड भी बरामद किया है.

ATM Cheating: बिहार में देखा क्राइम पैट्रोल, दिल्ली में करने लगा वारदात

प्रतीकात्मक चित्र

खास बातें

  • बिहार के रहने वाले हैं दोनों अपराधी
  • एटीएम में लोगों को बेवकूफ बनाकर देते थे वारदात को अंजाम
  • दिल्ली पुलिस ने जाल बिछाकर किया गिरफ्तार.
नई दिल्ली:

यदि आप किसी बैंक परिसर में लगे एटीएम में कैश निकालने जा रहे है और आपको एटीएम से कैश निकालने में दिक्क्त हो रही है तो कृपया सावधान हो जाइए. कहीं ऐसा न हो की चीटिंग का अगला शिकार आप हो जाएं. साउथ दिल्ली के नेब सराय थाने की पुलिस ने ऐसे ही दो दोस्त को गिरफ्तार किया है. जो इस तरह के एटीएम में लोगों के साथ चीटिंग की वारदात को अंजाम देते थे. पुलिस ने इनके पास से अलग अलग बैंकों के कई एटीएम कार्ड भी बरामद किया है.

पुलिस के अनुसार हाल के दिनों में एटीएम में चीटिंग की बढ़ती वारदात के मद्देनजर पुलिस टीम काम कर रही थी. नेब सराय की पुलिस टीम को सिविल ड्रेस में एटीएम के आसपास लगाया था. इस टीम ने देवली रोड पर पंजाब नेशल बैंक के एटीएम के पास दो युवकों को पकड़ा. एक मौका देखकर भागने लगा, लेकिन कांस्टेबल हरकेश ने लगभग डेढ़ किलोमीटर दौड़कर उसे भी पकड़ लिया. दोनों की पहचान अभिषेक विपुल और अनिल कुमार सिन्हा के रूप में हुई. दोनों फ़िलहाल साउथ दिल्ली के कोटला मुबारकपुर इलाके के बापू पार्क कालोनी में किराये पर रहते हैं, लेकिन मूलतः बिहार के रहने वाले हैं. इनकी तलाशी ली गई तो 16 एटीएम कार्ड मिले. पुलिस टीम ने पूछताछ की तो हाल के दिनों में किए गए एटीएम चीटिंग के 10 वारदातों का खुलासा हुआ. इनमें से नेब सराय, गोविंदपुरी, मेहरौली, हौजखास आदि थाना इलाके के मामले शामिल हैं. 

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पूछताछ हुई तो दोनों ने पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी दी. अभिषेक ने पुलिस को बताया कि वह ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है. वह बिहार के गया जिले का रहने वाला है. उसने क्राइम पेट्रोल सीरियल देखा जिसमें एटीएम में चीटिंग करने वाले के बारे में पता चला. उसने सोचा कि इस तरह से वह कम समय में ज्यादा पैसा कमा सकता है. लेकिन उसे डर था कि यदि उसने अपने इलाके में इस तरह से वारदात की तो पकड़ा जायेगा और ज्यादा पैसा भी नहीं मिलेगा. यह सोचकर दिल्ली आ गया और यहां इसकी मुलाकात अनिल से हुई. दोनों दोस्त बन गए. अनिल एक कम्युनिकेशन कम्पनी में काम करता था. उसे साउथ दिल्ली के रास्तों के बारे में जानकरी थी. अभिषेक ने उसको चीटिंग का आइडिया बताया और वह तैयार हो गया. 

पुलिस को इनसे मिली जानकारी के अनुसार ये लोग देवली, खानपुर, मेहरौली आदि इलाके के उन एटीएम पर टारगेट करते थे, जो बैंक परिसर में होता था. और तो और ये सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच में ही एटीएम में चीटिंग की वारदात करते थे, क्योंकि इनका कहना था कि उस दौरान बैंक खुलता और एटीएम की मॉनिटरिंग बैंक मैनेजर के चैंबर में लगी होती है जिस वजह से उनपर किसी की नजर नहीं पड़ती है. इतना ही नहीं इस दौरान गार्ड का भी एक्सचेंज होता है और वे अपने काम में व्यस्त रहते हैं. सो इस दौरान वारदात को अंजाम देने में आसानी रहती है. ये लोग खासकर लेडी, बुज़ुर्ग या कम पढ़े लिखे लोगों को टारगेट करते थे. ये एटीएम में 0 वाले बटन के नीचे फेवीक्विक से चिपका देते और जब वह बटन काम नहीं करता तो चाचा, चाची कहकर मदद की बात करके उनका एटीएम, पिन ले लेते और हाथ की सफाई से एटीएम एक्सचेंज कर लेते और बाद में बदले गए एटीएम से रकम निकाल लेते थे. 
VIDEO: ATM वैन की लूट

इन्होंने पुलिस को बताया कि लगभग एक साल से इस तरह की चीटिंग की 100 से ज्यादा वारदात को अंजाम दिया है. जिसका पता लगाने में पुलिस जुटी हुई है. इनसे वह बाइक भी बरामद कर ली गयी है जिसे इन्होंने चीटिंग के पैसों से खरीदी थी.