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इन शॉलों की कीमत जानकर चौंक जाएंगे, पुलिस ने इन्हें चुराने वालों को धरदबोचा

दिल्ली के प्रगति मैदान के म्यूजियम से चोरी हुए थे दो करोड़ के ढाई सौ साल पुराने शॉल, तीन आरोपी गिरफ्तार

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इन शॉलों की कीमत जानकर चौंक जाएंगे, पुलिस ने इन्हें चुराने वालों को धरदबोचा

दिल्ली पुलिस ने चोरी के तीन आरोपियों को पकड़कर 250 साल पुराने शॉल बरामद किए.

खास बातें

  1. फिल्मी अंदाज में रेकी करके आजमाने के बाद की गई चोरी
  2. पुराने सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों तक पहुंची पुलिस
  3. पकड़े गए आरोपी हैंडीक्राफ्ट का कारोबार करने वाले
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के हाथ में आज कुछ शॉल थे और यह कोई मामूली शॉल नहीं थे... इन शॉलों की कीमत दो करोड़ रुपये है. यह शॉल 250 साल पुराने हैं. यह दिल्ली के प्रगति मैदान के म्यूजियम से चोरी हो गए थे. चोरों ने बड़े ही शातिराना अंदाज में चोरी की इस वारदात को अंजाम दिया था.

दरअसल 31 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली के प्रगति मैदान के म्यूजियम से 16 बेशकीमती 250 साल पुराने शॉल चोरी हो गए हैं, जिनकी कीमत दो करोड़ रुपये है. पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की.
 
सबसे पहले दिल्ली पुलिस ने म्यूजियम में लगे सीसीटीवी को खंगाला, लेकिन पुलिस की यह कोशिश नाकाम रही, क्योंकि जिस दिन चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था उस दिन म्यूजियम के सीसीटीवी खराब थे. लेकिन पुलिस जांच में जुटी रही और उसने सीसीटीवी के पुराने फुटेज खंगाले. इसमें पुलिस को दो  लड़कों पर शक हुआ. पुलिस ने उस दिन का डंप डेटा लिया और उसकी जांच की. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात वाली रात दो नंबर पर 46 बार बात हुई है और इसी क्लू से पुलिस चोरों तक पहुंच गई.

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दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मास्टरमाइंड विनय परमार आ गया. इसी ने अपने कजिन तरुण के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था. चोरी करने से पहले विनय और तरुण ने कई दिनों तक नेशनल हेंडीक्राफ्ट एंड हैंडलूम म्यूजियम की रेकी की थी.

पुलिस की मानें तो यह चोरी धूम-2 फिल्म की तर्ज पर की गई थी. चोरी से कुछ दिन पहले विनय रैकी करते हुए म्यूजियम के बंद होने के समय अंदर ही रह गया था, यह देखने के लिए कि आखिर वह पकड़ा जाएगा कि नही. कुछ देर अंदर रहने के बाद उसने शोर मचाया और गार्ड ने उसे बाहर निकाल लिया.
 
250 years old shawls steeling

प्लान के मुताबिक चोरी का दिन आ गया जो कि 29 अक्टूबर तय किया गया था. विनय और तरुण म्यूजियम पहुंचे लेकिन इस बार विनय नहीं तरुण म्यूजियम में बंद होने के समय अंदर ही रह गया. फिर विनय ने फोन पर तरुण को बताया कि आखिर कौन-कौन से शॉल पर हाथ साफ करना है.16 बेशकीमती शॉल चोरी कर तरुण खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर आ गया और दोनों फरार हो गए.

विनय ने 15 शॉल कोलकाता भेज दिए और एक शॉल को दिल्ली में ही अपने एक साथी आदिल शेख के पास रखवा दिया ताकि बेचने के समय सेंपल के तौर पर दिखाया जा सके. लेकिन यह तीनों दिल्ली पुलिस से नहीं बच पाए. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और सभी 16 शॉल बरामद कर लिए. पुलिस की मानें तो विनय एक बिजनेसमैन है, उसका हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट का काम है. उसे इस बात की अच्छे से जानकारी थी कि इन शॉलों की कीमत क्या है.

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विनय के कजिन तरुण का दिल्ली के जनपथ मार्केट में हैंडलूम का कारोबार है और आदिल शेख का भी यही काम है. यह तीनों अब सलाखों के पीछे हैं.


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