ट्रेन में भीड़ के बर्बर हमले में किशोर की मौत, कोच में फैले खून ने बयां की हिंसा की कहानी

हरियाणा में यात्रियों ने ट्रेन में चार चचेरे भाइयों पर हमला किया, असावती स्टेशन पर ट्रेन से बाहर फेंका

खास बातें

  • पुलिस ने कहा, सीटों को लेकर बहस के बाद हिंसा भड़की
  • ईद के लिए खरीदारी करके गांव लौट रहे थे पीड़ित
  • आपातकालीन चैन खींचने के बावजूद ट्रेन नहीं रुकी
नई दिल्ली:

हरियाणा में कल रात चलती हुई ट्रेन में चार लोगों पर यात्रियों की भीड़ ने बर्बर हमला किया. इस हमले में एक 16 वर्षीय किशोर की मौत हो गई. हमलावरों ने इस घटना के बाद दिल्ली से 20 किलोमीटर दूर स्थित असावती स्टेशन पर चारों को ट्रेन से फेंक दिया. प्रथम दृष्टया यह नफरत के कारण किया गया हमला प्रतीत हो रहा है.

हमला दिल्ली से मथुरा जा रही ईएमयू ट्रेन में हुआ. हमले के शिकार चार लोगों की पहचान जुनैद, हसीब,  शाकिर और मोहसिन के रूप में हुई है. यह चारों आपस में चचेरे भाई हैं. इनमें से हसीब की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. उसके मुताबिक उनके धर्म को लेकर उनसे दुर्व्यवहार किया गया. हसीब के भाई जुनैद को अस्पताल में भर्ती किया गया जहां उसकी मौत हो गई.  

मोहसिन ने बताया कि वह अपने अन्य तीन चचेरे भाइयों के साथ ईद के लिए दिल्ली में खरीदारी करने के बाद हरियाणा के अपने गांव लौट रहे थे.

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों के बीच सीटों को लेकर बहस हुई और इसके बाद हिंसा भड़क उठी. कुछ ही मिनटों में बड़ी भीड़ एकत्रित हो गई और उसने उन चारों पर हमला किया.

मोहसिन ने एनडीटीवी से कहा कि उनके चचेरे भाई और उन्होंने आपातकालीन चैन खींची थी. इस पर ट्रेन को रोका जाना चाहिए था, लेकिन उस संकट को नजरअंदाज करके ट्रेन नहीं रोकी गई. उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे पुलिस कर्मियों ने भी हस्तक्षेप करने की उनकी विनती पर ध्यान नहीं दिया.