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आम आदमी पार्टी कांग्रेस से करेगी गठबंधन! दिल्ली सरकार के वकील ने बताया फॉर्मूला

कांग्रेस दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी समेत पूरे देश में स्थानीय स्तर पर गठबंधन करें

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आम आदमी पार्टी कांग्रेस से करेगी गठबंधन! दिल्ली सरकार के वकील ने बताया फॉर्मूला

एमके स्टालिन और अरविंद केजरीवाल.

खास बातें

  1. आम आदमी पार्टी के सूत्र गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं कर रहे
  2. डीएमके नेता एमके स्टालिन भी केजरीवाल को दे चुके हैं सलाह
  3. अगस्त में राजद के प्रदर्शन के दौरान आप-कांग्रेस की दूरियां बढ़ीं
नई दिल्ली:

दिल्ली की केजरीवाल सरकार के वकील मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले राहुल मेहरा ने दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की वकालत की है.

पांच राज्यों के चुनावी नतीजों में कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए राहुल मेहरा ने ट्वीट कर कहा ' राहुल गांधी अब यह सुनिश्चित करें कि कांग्रेस दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी समेत पूरे देश में स्थानीय स्तर पर गठबंधन करें. यह दिल्ली में सभी सात लोकसभा सीटों को जीतने का सबसे बढ़िया फॉर्मूला है. मुझे उम्मीद है कि सीट बंटवारे पर समझ आसानी से बन सकती है.'

इससे पहले डीएमके नेता एमके स्टालिन भी सोमवार को दोपहर में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल से मिले थे और उनसे कहा था कि अपने मन में कांग्रेस के प्रति कोई नकारात्मक विचार ना रखें, देश को महागठबंधन की जरूरत है और उसमें आपकी भूमिका है. इसके बाद केजरीवाल तेलुगू देशम पार्टी के मुखिया और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के बुलावे पर विपक्षी दलों की बैठक में भी शामिल हुए थे.


क्या है गठबंधन की संभावना?
जिस तरह से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 30 नवंबर को राहुल गांधी के साथ संसद मार्ग पर किसानों के प्रदर्शन में मंच साझा करते हुए साथ दिखाई दिए और जिस तरह से सोमवार को केजरीवाल पहली बार विपक्ष की बैठक का हिस्सा बने उसके बाद आम आदमी पार्टी सूत्र गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं. लेकिन गठबंधन का स्वरूप क्या होगा कितनी सीटों पर होगा इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि अभी लोकसभा चुनाव में कुछ महीनों का वक्त बाकी है.

यह भी पढ़ें : आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर बीजेपी को हराने का लक्ष्य तय किया

क्यों बिगड़े थे रिश्ते?
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के रिश्तों में तब दूरियां बहुत ज्यादा बढ़ गई थीं जब अगस्त में दिल्ली के जंतर मंतर पर राष्ट्रीय जनता दल के प्रदर्शन में कांग्रेस ने यह शर्त रख दी थी कि राहुल गांधी अरविंद केजरीवाल के साथ मंच साझा नहीं करेंगे. इस कारण इस प्रदर्शन में पहले अरविंद केजरीवाल अपना भाषण देकर चले गए. इसके एक घंटे बाद राहुल गांधी मंच पर आए थे.

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कांग्रेस पार्टी के इस बर्ताव से आम आदमी पार्टी के अहम को चोट पहुंची और उसने तय कर लिया कि उपराष्ट्रपति के चुनाव में वह कांग्रेस उम्मीदवार को तब तक समर्थन नहीं देंगे जब तक राहुल गांधी खुद अरविंद केजरीवाल से समर्थन नहीं मांगेंगे. राहुल गांधी ने अरविंद केजरीवाल से समर्थन नहीं मांगा लिहाजा आम आदमी पार्टी ने उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग से बाहर रहने का फैसला किया.



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