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एफडीआई-सीलिंग के मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेगी आम आदमी पार्टी, केजरीवाल के घर इमरजेंसी बैठक

उन्होंने चुनाव आयोग के इस फैसले पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि चुनाव आयोग ने यह फैसला क्यों लिया. 

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एफडीआई-सीलिंग के मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेगी आम आदमी पार्टी, केजरीवाल के घर इमरजेंसी बैठक

आप नेता गोपाल राय.

खास बातें

  1. आप के 20 विधायकों को चुनाव आयोग ने अयोग्य करार दिया है
  2. पार्टी चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ कोर्ट गई
  3. पार्टी ने चुनाव आयोग पर लगाए कई आरोप
नई दिल्ली: देश के माननीय चुनाव आयुक्त एके जोती ने पहली बार ऐतिहासिक फ़ैसला दिया है कि दिल्ली के निर्वाचित 20 विधायकों की सदस्यता रद्द की जाए. आखिर किस समझौते के तहत 2 दिन पहले रिटायरमेंट के ये फ़ैसला लिया. यहा बात शनिवार को आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने संवाददाता सम्मेलन में कही. उन्होंने चुनाव आयोग के इस फैसले पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि चुनाव आयोग ने यह फैसला क्यों लिया. इतना ही नहीं पार्टी जहां रविवार को अपने विधायकों और नेताओं की बैठक करने जा रही थी, अब वह बैठक आज ही करने का फैसला लिया गया है. यह बैठक मुख्यंत्री और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के घर होगी. इस बैठक में लाभ के पद से जुड़े सभी 20 विधायकों को शामिल रहने को कहा गया है. 

पार्टी का कहना है कि कई लोग झूठ फ़ैला रहे हैं कि आप के विधायकों को चुनाव आयुक्त ने पत्र भेज कर बुलाया, पर ये झूठ है. जो भी पत्र चुनाव आयुक्त ने आप को भेजा उनका हमारे वकीलों ने जवाब भेजा है. अंग्रेज़ों की अदालत भी सुनती थी. मोदी जी की सरकार में बिना पक्ष रखे हमारे ख़िलाफ़ फ़ैसला दिया. राय ने कहा कि 23 जून 2017 को आखिरी बार चुनाव आयुक्त ने ये आर्डर जारी किया जिसमें लिखा है कि “ सुनवाई जारी रहेगी और आगे कब सुनवाई होगी इसके बारे में सूचित किया जाएगा”.

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उनका कहना है कि इसके बाद उन्हें कभी नहीं बुलाया गया और फिर अचानक कल ये आदेश दे दिया गया. सब लोग जानते हैं कि एके ज्योती साहब पीएम नरेंद्र मोदी के ख़ास आदमी हैं. आप नेता ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सभी संस्थाओं को अपने अंडर लेने की कोशिश करने रहे हैं. झूठ फ़ैलाया जा रहा है कि इन विधायकों ने लाभ लिया. 

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राय ने कहा कि इस देश में कई सरकारों ने संसदीय सचिव बनाया है. पंजाब में हरियाणा में राजस्थान में हर राज्य में संसदीय सचिवों को मोटी सैलरी दी जाती है. हमने राष्ट्रपति को इनके खिलाफ़ लिखा पर इनके ख़िलाफ़ कोई कार्यवाही नहीं की गई.

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13 मार्च 2015 को हमने नियुक्ति में लिखा कि किसी भी संसदीय सचिव को एक रुपये भी नहीं दिए जाएंगे. हमने किसी को एक भी लाभ नहीं दिया. झूठी बात को फ़ैलाया जा रहा है कि हमने विधानसभा में इनको ऑफ़िस दिया पर ये तो विधानसभा ने दिया. 


पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग का यह फैसला लोकतंत्र की हत्या है. दिल्ली के व्यापारियों को आपने ख़त्म किया नोटबंदी, जीएसटी, सीलिंग, और एफ़डीआई. आप हमसे बदला ले रहे हैं. इतना अंधेर अंग्रेज़ों के समय भी नहीं था. हम सीलिंग और एफ़डीआई के ख़िलाफ़ कल से आंदोलन करेंगे. हमने कल सभी विधायकों और पार्षदों को मीटिंग के लिए बुलाया है. हम सड़क पर लड़ेंगे.


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