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सुप्रीम कोर्ट में मिली निराशा को चुनावी 'आशा' में बदलने के लिए जुगत लगाएगी आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए अभियान चलाएगी, मंत्री गोपाल राय ने की घोषणा

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सुप्रीम कोर्ट में मिली निराशा को चुनावी 'आशा' में बदलने के लिए जुगत लगाएगी आम आदमी पार्टी

दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी अभियान चलाएगी.

खास बातें

  1. राय ने कहा- केंद्र सरकार नहीं चाहती कि दिल्ली से भ्रष्टाचार खत्म हो
  2. 23 फरवरी को 'आप' सभी विधायकों के साथ आंदोलन की रणनीति बनाएगी
  3. 24 फरवरी को पार्टी के पदाधिकारियों के साथ रणनीति पर होगी चर्चा
नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) पर अधिकार हासिल करने में असफल रही दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार अब आंदोलन चलाएगी. दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि पार्टी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर जनता के सामने जाएगी.    

दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से दिल्ली सरकार को तगड़ा झटका लगा है. फैसले के मुताबिक एसीबी, जांच आयोगों आदि पर केंद्र का अधिकार है. वहीं बिजली और जमीन के सर्किल रेट पर राज्य सरकार का अधिकार बताया गया है. अब आदमी पार्टी ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने की रणनीति  बनाई है. इसके जरिए जहां वह केंद्र पर दबाव बना सकेगी वहीं आने वाले लोकसभा चुनाव में दिल्ली में इस मुद्दे को भुनाने के लिए जुगत लगाएगी.  

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने कहा कि पिछले चार साल से केंद्र सरकार दिल्ली की जनता के साथ अन्याय कर रही है. दिल्ली सरकार के सभी कामों में अड़चनें डाली जा रही हैं. इसके समाधान के लिए हमने हरसंभव प्रयास किए परंतु कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आए. हमारी सरकार बनने के बाद मई 2015 में केंद्र के गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी करके दिल्ली सरकार की शक्तियों को छीनने का प्रयास किया. इस संदर्भ में हमने केंद्र के समक्ष भी अपना पक्ष रखा और दिल्ली के उप राज्यपाल के समक्ष भी अपना पक्ष रखा परंतु कहीं से कोई समाधान नहीं निकला. अंततः विवश होकर हमें न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाना पड़ा.


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गोपाल राय ने कहा कि हमने हाई कोर्ट में इस संदर्भ में अपना पक्ष रखा और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में भी अपना पक्ष रखा. दोनों ही जगह पर तारीख तो मिली, पर दिल्ली की जनता को इंसाफ नहीं मिला. लोकतंत्र में सबसे बड़ी अदालत जनता की अदालत होती है. पार्टी ने फैसला किया है कि इस मुद्दे को लेकर अब हम दिल्ली की जनता के बीच जाएंगे और बड़े स्तर पर एक आंदोलन शुरू करेंगे.

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गोपाल राय ने कहा है कि दिल्ली के लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इनमें प्रमुख समस्याएं हैं-

1. दिल्ली वासियों के वोट की कीमत देश के अन्य भागो से आधी क्यों?

2. दिल्ली की मेहनती जनता सवा लाख करोड़ का टैक्स केंद्र को देती है, दिल्ली को वापस क्यों मिलता है केवल 325 करोड़?

3. दिल्ली के कॉलेजों में क्यों नहीं होता दिल्ली से 12वीं पास करने वाले छात्रों का दाखिला? कहां जाएं दिल्ली के छात्र?

4. दिल्ली में नौजवान क्यों भटक रहे हैं नौकरियों के लिए? कौन देगा जवाब लाखों रिक्त पड़े पदों का?

5. दिल्ली वालों की सुरक्षा किसके जिम्मे है? दिल्ली पुलिस है किसके प्रति जवाबदेह?

6. दिल्ली की चुनी हुई सरकार जनता के हितों में फैसले क्यों नहीं ले सकती? अंग्रेजों के जमाने से थोपे हुए वायसराय-एलजी साहब अफसरों-कर्मचारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग कैसे करते हैं?

7. दिल्ली के लोगों की जमीन पर दिल्ली के लोगों के लिए स्कूल अस्पताल बनाने के लिए केंद्र सरकार से क्यों गिड़गिड़ाना पड़ता हैं.

8. दिल्ली में भ्रष्टाचार रोकने वाली ACB को केंद्र सरकार ने क्यों छीना.

9. साढ़े तीन साल बाद भी जन लोकपाल विधेयक क्यों पास नहीं होता.

10. दिल्ली वालों के काम करने के लिए मुख्यमंत्री को अपने केबिनेट के साथ नौ दिन तक LG हाउस में धरना-अनशन करना पड़ता है.

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गोपाल राय ने कहा दिल्ली की जनता ने केंद्र सरकार का भी समर्थन किया था. दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर भाजपा के प्रत्याशियों को जिताकर लोकसभा में भेजा था, परंतु भाजपा ने दिल्ली की जनता के साथ फिर भी सौतेला व्यवहार किया. हमें उम्मीद थी कि शायद न्यायालय से दिल्ली की जनता को कुछ राहत मिलेगी, परंतु वहां से भी कोई समाधान नहीं मिला. अंततः पार्टी ने तय किया है कि दिल्ली में एक आंदोलन किया जाएगा.

VIDEO : एसीबी और जांच आयोग पर केंद्र सरकार का अधिकार

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उन्होंने कहा कि दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों को जिताने के लिए, देश में गठबंधन की सरकार बनाने के लिए और दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए पार्टी दिल्ली की जनता के बीच जाएगी और व्यापक स्तर पर आंदोलन करेगी. पार्टी ने तय किया है कि 23 फरवरी को अपने सभी विधायकों के साथ आंदोलन को लेकर रणनीति बनाएगी. 24 फरवरी को दिल्ली के 1000 पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करके इन रणनीतियों को कार्यान्वित करने पर चर्चा की जाएगी.



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