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नहीं सुधरी दिल्ली एनसीआर की हवा, सुबह से छाई रही धुंध की चादर, सांस लेने में हो रही है दिक्कत

हवा की गुणवत्ता आनंद विहार में सबसे ज्यादा खराब 339 आंकी गई है. जिसे बेहत खतरनाक स्तर का बताया गया है.

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नहीं सुधरी दिल्ली एनसीआर की हवा, सुबह से छाई रही धुंध की चादर, सांस लेने में हो रही है दिक्कत

दिल्ली प्रदूषण की मार

खास बातें

  1. आनंद विहार में हवा की गुणवत्ता सबसे खराब
  2. पूरी दिल्ली में छाई धुंध की चादर
  3. पालम में भी हवा की गुणवत्ता खराब
नई दिल्ली:

दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता (Delhi-NCR Pollution) अभी बेहत खराब बनी हुई है. बुधवार को जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक लोधी कॉलोनी पीएम 2.5 273 पाया गया. जो बेहद खराब स्तर पर है. जबकि पीएम 10 भी 266 आंका गया है. दिल्ली और एनसीआर में सुबह से ही धुंध छाई थी. वहीं हवा की गुणवत्ता (Air Quality in Delhi) आनंद विहार में सबसे ज्यादा खराब 339 आंकी गई है. जिसे बेहत खतरनाक स्तर का बताया गया है. जबकि सबसे राजधानी में हवा की सबसे बेहतर गुणवत्ता (Delhi-NCR Pollution) पूर्वी दिल्ली (216) में आंकी गई है. 

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गौरतलब है कि हवा की गुणवत्ता 0-50 को अच्छा माना जाता है, 51-100 को संतोषजनक, 101-200 को ठीक-ठाक, 201-300 खराब, 301-400 बहुत खराब और 401 से 500 को बहुत ही खऱाब माना जाता है. मंगलवार को राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बहुत ही खरीब आंकी गई है. मंगलवार को भी दिल्ली में धूंध की चादर देखने को मिली थी. गौरतलब है कि  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते स्तर को देखते हुए अधिकारी इस सप्ताह कृत्रिम बारिश कराने की योजना बना रहे हैं. पिछले तीन सप्ताह में दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बिगड़ी है, वह अब 'खतरनाक' स्तर पर पहुंच गई है.
 


कृत्रिम बारिश के लिए 'मेघ बीजन' (क्लाउड सीडिंग) का सहारा लिया जाएगा, ताकि हवा से जहरीले प्रदूषकों को दूर किया जा सके. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मौसमी दशा स्थिर होने पर कृत्रिम वर्षा कराने के लिए 'मेघ बीजन' (क्लाउड सीडिंग) किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इसी सप्ताह वर्षा कराने की योजना है. अगर मौसमी दशा उपयुक्त नहीं हुई तो इसे अगले सप्ताह किया जाएगा.

VIDEO: दिल्ली में हवा की गुणवत्ता अभी भी खराब.

बता दें, मेघ बीजन सिल्वर आयोडाइड, ड्राई आइस और नमक समेत विभिन्न तरह के रासायनिक एजेंटों को बादलों के साथ जोड़ने की प्रक्रिया है ताकि उन्हें सघन किया जा सके और इससे वर्षा की संभावना बढ़ाई जा सके. अधिकारी ने कहा कि कृत्रिम बारिश कराने की खातिर मौसमी दशा अनुकूल बनाने के लिये मौसम विज्ञानी हालात पर नजर रख रहे हैं.



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