NDTV Khabar

किसान आंदोलन के चलते बुधवार को गाजियाबाद के सभी स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे

किसान आंदोलन (Farmers Agitation) के मद्देनजर गाजियाबाद के सभी स्कूल और कॉलेज बुधवार को बंद रहेंगे.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
किसान आंदोलन के चलते बुधवार को गाजियाबाद के सभी स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे

किसान आंदोलन के मद्देनजर गाजियाबाद से सभी स्कूल कॉलेज बुधवार को बंद रहेंगे.

नई दिल्ली:

किसान आंदोलन (Farmers Agitation) के मद्देनजर गाजियाबाद के सभी स्कूल और कॉलेज बुधवार को बंद रहेंगे. हजारों की संख्या में किसानों को राजधानी दिल्ली में घुसने नहीं दिया गया. इसके बाद किसानों ने रात में गाजीपुर मंडी इलाके में ही धरना दे दिया. इसे देखते हुए ही गाजियाबाद प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश जारी किया. इससे पहले उत्तर प्रदेश और दिल्ली की सीमा पर हजारों किसानों के आंदोलन ने मंगलवार को उस समय हिंसक रूप धारण कर लिया, जब उन्होंने बेरीकेडिंग तोड़ने और अपने ट्रैक्टरों से राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश की. इसके बाद उन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस को पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोलों का उपयोग करना पड़ा.

यह भी पढ़ें : मोदी सरकार ने जय जवान, जय किसान को 'मर जवान, मर किसान' में बदल डाला: लालू यादव


एक प्रदर्शनकारी किसान ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई में कई लोग घायल हो गए, जिनमें एक प्रदर्शनकारी बेहोश हो गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिसकर्मियों ने 'लाठीचार्ज' भी किया. पूर्ण ऋण माफी और विद्युत दरों में कमी सहित अन्य मांगों को लेकर 'किसान क्रांति यात्रा' के बैनर तले हरिद्वार से चलकर दिल्ली जा रहे किसानों को पुलिस ने गाजियाबाद सीमा पर रोक दिया.

यह भी पढ़ें : मायावती ने किसानों के ऊपर लाठीचार्ज को लेकर BJP सरकार पर साधा निशाना, कही यह बात...

प्रदर्शनकारियों ने अपनी 10 दिवसीय यात्रा भारतीय किसान यूनियन की अगुआई में शुरू की थी. प्रदर्शनकारी मंगलवार को उत्तर प्रदेश- दिल्ली की सीमा पर पहुंच गए. प्रदर्शन को देखते हुए दोनों प्रदेशों की सीमा पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया और राष्ट्रीय राजधानी में कुछ इलाकों में धारा 144 भी लागू कर दी गई थी. 

टिप्पणियां

यह भी पढ़ें : किसानों पर लाठीचार्ज : कांग्रेस बोली- दिल्ली सल्तनत का बादशाह सत्ता के नशे में, पढ़ें विपक्ष के 15 बड़े हमले

उधर, किसानों ने सरकार के इस आश्वासन से इत्तेफाक नहीं जताया कि मुख्यमंत्रियों की एक समिति उनकी मांगों पर विचार करेगी. दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा पर प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने के बाद केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार किसानों की बात को आगे बढ़ाने का भरोसा दिला रही है. उन्होंने कहा कि हम एनजीटी के इस आदेश को लेकर अदालत में जाएंगे कि 10 साल से पुराने ट्रैक्टरों और वाहनों पर पाबंदी लगनी चाहिए. खेतिहर मजदूरी के संबंध में किसानों की समस्या पर मंत्री ने कहा कि सरकार इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लिहाज से न्यूनतम वेतन के नियमों में कुछ बदलाव लाने पर विचार करेगी.

शेखावत ने कहा, 'सरकार ने खेतिहर मजदूरी के मुद्दे पर विचार के लिए छह मुख्यमंत्रियों की समिति बनाई है. समिति मनरेगा को खेती से जोड़ने पर बातचीत कर रही है.' उन्होंने किसानों से कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि मैं इस समिति में किसानों के हितों की बात रखूंगा और मनरेगा को खेती से जोड़ने के लिए जो भी बदलाव जरूरी होंगे, किए जाएंगे.' हालांकि प्रदर्शनकारी किसानों ने दिल्ली सीमा पर डेरा डाल लिया है. पुलिस ने उन्हें वहीं रोक लिया है और राष्ट्रीय राजधानी में घुसने नहीं दिया है. भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि किसान सरकार के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'हम इस पर बातचीत करेंगे और फिर आगे के रुख पर फैसला करेंगे. मैं अकेले कोई फैसला नहीं ले सकता. हमारी समिति फैसला करेगी.'



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


 Share
(यह भी पढ़ें)... सलमान खान को देखकर सारा अली खान ने किया 'आदाब' तो भाईजान ने लगाया गले- देखें Video

Advertisement