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थप्पड़ कांड के बाद पहली बार मीडिया के सामने आएंगे मुख्य सचिव अंशु प्रकाश

मुख्य सचिव के नेतृत्व में दिल्ली के सभी अधिकारी आज शाम दिल्ली सचिवालय से लेकर राजघाट तक कैंडल लाइट मार्च करेंगे.

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थप्पड़ कांड के बाद पहली बार मीडिया के सामने आएंगे मुख्य सचिव अंशु प्रकाश

(फाइल फोटो)

खास बातें

  1. जॉइंट फोरम की प्रवक् ने कहा, मनीष सिसोदिया का बयान छोटी सोच को जताता है.
  2. कहा, इतने हल्के कमेंट खुद महिला विकास विभाग के मंत्री से खेद के लायक है.
  3. मुख्य सचिव बुधवार शाम को मीडिया के सामने आएंगे.
नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश कथित थप्पड़ कांड के बाद पहली बार बुधवार शाम को मीडिया के सामने आएंगे. मुख्य सचिव के नेतृत्व में दिल्ली के सभी अधिकारी आज शाम दिल्ली सचिवालय से लेकर राजघाट तक कैंडल लाइट मार्च करेंगे. हालांकि इससे पहले भी मुख्यमंत्री के यहां हुई कथित मारपीट की घटना के बाद अधिकारियों ने मार्च किया था लेकिन मुख्य सचिव उसमे शामिल नही हुए थे. जॉइंट अधिकारी फोरम ने परस्पर कांफ्रेंस करके ये जानकारी दी. जॉइंट अधिकारी फोरम ने उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की एक टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए उनकी आलोचना की है. जॉइंट फोरम की प्रवक्ता निधि श्रीवास्तव ने कहा कि 'शिक्षा पर हुए नेशनल सेमिनार में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया का बयान छोटी सोच को जताता है इतने हल्के कमेंट खुद महिला विकास विभाग के मंत्री से खेद के लायक है.'

दरअसल मंगलवार को स्कूली शिक्षा पर हुए एक सेमिनार में उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि जैसे पुराने ज़माने की सास अपनी बहू को ससुर के सामने नही भेजती वैसे ही सीनियर अधिकारी या यूनियन जूनियर अधिकारियों को हमारी मीटिंग में नहीं आने दे रही है.

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इस बैठक में शिक्षा सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव और शिक्षा निदेशक सौम्या गुप्ता(दोनों महिला) नहीं आई थी. जिसके बाद सिसोदिया की टिपण्णी को छोटी मानसिकता वाला महिला अधिकारी बता रहे हैं.

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वैसे सरकार की तरफ़ मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम के बाद परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के अधिकारियों से बातचीत की कोशिश को अधिकारी फोरम ने सराहा है. लेकिन साफ किया है जब तक केजरीवाल और सिसोसिया लिखित और सार्वजनिक माफ़ी नहीं मांगेंगे तब तक वो केवल लिखित संवाद करेंगे.


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