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आगजनी करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं, लोगों की सुरक्षा को लेकर अदालत चिंतित

दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में लोगों के अपने घरों में ही महफूज नहीं होने को लेकर आज चिंता जताई.

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आगजनी करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं, लोगों की सुरक्षा को लेकर अदालत चिंतित

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. आगजनी करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं
  2. लोगों की सुरक्षा को लेकर अदालत चिंतित
  3. न्यायाधीशों ने कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस को फटकार लगाई
नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में लोगों के अपने घरों में ही महफूज नहीं होने को लेकर आज चिंता जताई. अदालत ने कहा कि आगजनी करने वाले पेट्रोल बम फेंकने और कारों में आग लगाने के बाद भी खुला घूम रहे हैं. अदालत ने यह टिप्पणी एक महिला वकील के संपत्ति विवाद के मामले में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की. सुनवाई के दौरान काफी ड्रामा हुआ क्योंकि कुछ अधिवक्ताओं ने एक अज्ञात व्यक्ति की पिटाई कर दी. उसपर वकीलों पर हालिया हमले में शामिल होने का संदेह था. महिला का प्रतिनिधित्व कर रही एक वरिष्ठ अधिवक्ता भी उन वकीलों में शामिल थी जिनके घरों में आगजनी हुई और उनमें से दो की कार जलायी गयी थी.

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अदालत के कर्मचारी के अनुसार, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की पीठ पांच मिनट के ब्रेक के लिये उठी थी. उसी वक्त अदालत में मौजूद कुछ अधिवक्ताओं ने उस व्यक्ति की पिटाई कर दी. वकीलों ने बताया कि उस व्यक्ति ने नहीं बताया कि कैसे वह अदालत परिसर में घुसा और आरोप लगाया कि उसका चेहरा आगजनी करने वाले से मिलता जुलता था. उसे सीसीटीवी में वरिष्ठ अधिवक्ताओं में से एक के घर पर पेट्रोल बम फेंकते कैद किया गया था. ब्रेक से लौटने के बाद न्यायाधीशों ने घटना को लेकर गंभीर चिंता जताई और कहा कि अदालत कक्ष को अखाड़े में तब्दील नहीं किया जा सकता.

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न्यायाधीशों ने अदालत के साथ-साथ शहर में कानून व्यवस्था कायम नहीं रखने के लिये पुलिस को फटकार लगाई. अदालत ने यह टिप्पणी दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन अध्यक्ष कीर्ति उप्पल समेत अधिवक्ताओं पर पेट्रोल बम से हमले के मद्देनजर की. पीठ ने कहा, ‘‘अगर पुलिस कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने में अक्षम है तो हमें बताये. हम अदालत को अखाड़े में तब्दील करने की अनुमति नहीं दे सकते. हम इसकी अनुमति नहीं देने जा रहे हैं.’’ पीठ ने पूछा, ‘‘क्या कोई भी सुरक्षित है?’’ 

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पीठ ने कहा, ‘‘हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आगजनी करने वाले पेट्रोल बम फेंककर और कारों में आग लगाने के बाद छुट्टा घूम रहे हैं.’’ अदालत ने उच्च न्यायालय के महापंजीयक से भी पूछा कि कैसे अनधिकृत लोग अदालत परिसरों में घुस रहे हैं.
 


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