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जेटली आपराधिक मानहानि मामला : अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में कोई अर्जेंसी दिखाई नहीं देती क्योंकि आपने समन को चुनौती देने में एक साल से ज्यादा का वक्त लगाया. कोर्ट ने कहा कि आपने खुद हाईकोर्ट में निचली अदालत के आदेश की कापी नहीं लगाई. कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के आदेश की कापी लगाइए फिर सुनवाई होगी. इस मामले में अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी.

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जेटली आपराधिक मानहानि मामला : अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

दिल्ली के सीएम और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल.

खास बातें

  1. केस में समन रद्द करने की याचिका की जल्द सुनवाई से साफ इनकार
  2. हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में कोई अर्जेंसी दिखाई नहीं देती
  3. समन को चुनौती देने में एक साल से ज्यादा का वक्त लगाया.
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता अरुण जेटली ने आपराधिक मानहानि मामले में आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल के पटियाला हाउस कोर्ट में चल रहे आपराधिक मानहानि के केस में समन रद्द करने की याचिका की जल्द सुनवाई से साफ इनकार कर दिया है.

हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में कोई अर्जेंसी दिखाई नहीं देती क्योंकि आपने समन को चुनौती देने में एक साल से ज्यादा का वक्त लगाया. कोर्ट ने कहा कि आपने खुद हाईकोर्ट में निचली अदालत के आदेश की कापी नहीं लगाई. कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के आदेश की कापी लगाइए फिर सुनवाई होगी. इस मामले में अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी.

इस केस में अरविंद केजरीवाल ने पटियाला हाउस कोर्ट में चल रहे आपराधिक मानहानि मामले को रद्द करने की मांग की है. पटियाला हाउस कोर्ट मे मामले की सुनवाई 5 अगस्त को है. केजरीवाल की ओर से हाईकोर्ट में जुलाई में सुनवाई की मांग की गई थी.

बता दें कि वित्तमंत्री अरुण जेटली के आपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की. यहां पर अरिवंद केजरीवाल ने एक अन्य याचिका दायर की और 9 मार्च 2016 के पटियाला हाउस कोर्ट के समन को रद्द करने की मांग की थी. इसमें दावा किया था कि जेटली ने अपने आपराधिक मानहानि मामले में उन्हें और अन्य आप नेताओं को जिन कथित बयानों के लिए जिम्मेदार ठहराया है, वे अपमानजनक नहीं थे. केजरीवाल के वकीलों ने दलील दी थी कि जिन टिप्पणियों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया था, वे समाचार प्रकाशनों और सोशल मीडिया के उद्धरणों से ली गई थी. बहरहाल, केजरीवाल के वकील ने उन समाचार रिपोर्टों या सोशल मीडिया उद्धरणों को पेश नहीं किया. कोर्ट ने उन्हें उनकी याचिका के पक्ष में 22 मई तक दस्तावेज दायर करने का समय दिया था.


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