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फरीदाबाद के कांत एनक्लेव का मामला : 10 दिसंबर तक मुआवजा देने के आदेश

कांत एन्कलेव में रहने वाले लोगों ने जगह को खाली करने के लिए अप्रैल 2019 तक का समय मांगा

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फरीदाबाद के कांत एनक्लेव का मामला : 10 दिसंबर तक मुआवजा देने के आदेश

सुप्रीम कोर्ट.

नई दिल्ली: हरियाणा के फरीदाबाद के कांत एन्कलेव में अवैध निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से कहा है कि वह 10 दिसंबर तक उन लोगों को पैसा दे जिनके घर तोड़े जाने हैं.

सुप्रीम कोर्ट 11 दिसम्बर को मामले की अगली सुनवाई करेगा. हरियाणा के मुख्य सचिव सुप्रीम कोर्ट में पेश. कांत एन्कलेव में रहने वाले लोगों ने जगह को खाली करने के लिए और समय मांगा है. कांत एन्कलेव में रहने वालों ने कहा कि उन्हें अप्रैल 2019 तक का समय दिया जाए. उनकी तरफ से कहा गया कि हमारे पास रेंट देने तक के पैसे नहीं है. ऐसे में हम कहां जाएं. जो भी रहने वाले लोग हैं वे रिटायर्ड हैं और अभी तक उन्हें मुआवज़े के पैसे नहीं मिले हैं.

दरअसल सरकार को  31 दिसंबर तक कांत एन्कलेव को खाली कराना है जहां अवैध निर्माण हुए हैं. कोर्ट ने कहा कि जिन प्लॉट्स पर निर्माण हुआ है उनमें से हर प्लॉट मालिक को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए. हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी के मुताबिक कांत इन्क्लेव में 1617 प्लॉट हैं. निर्माण सिर्फ 33 प्लॉटों पर हुआ है.

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दरअसल 11 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने फरीदाबाद के कांत इन्कलेव पर फैसला देते हुए कहा था कि कांत इन्कलेव की जमीन फॉरेस्ट लैंड है.  जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की स्पेशल बैंच ने 18 अगस्त 1992 के बाद हुए अवैध निर्माण को ढहाने का आदेश दिया. कोर्ट ने हालांकि 17 अप्रैल 1984 से 18 अगस्त 1992 के बीच हुए निर्माण को नुकसान न पहुंचाने को कहा है.

कोर्ट ने कहा है कि सभी निर्माणों को गिराया जाए. जिन लोगों ने निवेश किया है उन्हें 18 फीसदी ब्याज के साथ पैसा मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये जमीन वापस फॉरेस्ट को दी जाए.


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