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दिव्यांग युवाओं ने स्टॉल लगाकर लोगों को किया आकर्षित

दिव्यांग युवा इन स्टॉलों को चलाने की जिम्मेदारी निभा रहे थे. मंच सजा हुआ था 20 वर्षीय शौर्य  खुद तो विकलांग थी, लेकिन महफिल में बैठने वाले विकलांग बच्चों और उनके परिवार वालों को अपने की बोर्ड के जरिए मंत्रमुग्ध किए हुई थी.

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दिव्यांग युवाओं ने स्टॉल लगाकर लोगों को किया आकर्षित

कार्यक्रम के दौरान की तस्वीर

खास बातें

  1. दिव्यांग बच्चों ने स्टॉल लगाकर लोगों को किया आकर्षित
  2. एक्शन फोर एबिलिटी डेवलपमेंट एंड इंक्लूजन के कैंपस में काफी चहल पहल थी
  3. पूरा कैंपस सजा हुआ था और चारों तरफ स्टॉल लगे हुए थे.
नई दिल्ली: एक्शन फोर एबिलिटी डेवलपमेंट एंड इंक्लूजन के कैंपस में काफी चहल पहल थी. पूरा कैंपस सजा हुआ था और चारों तरफ स्टॉल लगे  हुए थे. स्टॉल पर अलग-अलग तरह के सामान बिक रहे थे. इस मेले में लोग बड़ी उत्सुकता के साथ सामान खरीदने के साथ संगीत का मजा भी ले रहे थे. दिव्यांग युवा इन स्टॉल  को चलाने की जिम्मेदारी निभा रहे थे. मंच सजा हुआ था 20 वर्षीय शौर्य खुद तो विकलांग थी, लेकिन महफिल में बैठने वाले दिव्यांग युवाओं और उनके परिवार वालों को अपने की बोर्ड के जरिए मंत्रमुग्ध किए हुई थी. व्हील चेयर पर बैठे दिव्यांग युवा भी उसकी धुन पर थिरक रहे थे. कुछ अपने शरीर को थिरकाने की कोशिश कर रहे थे और इस कोशिश में उनके परिवार के लोग पूरी तरह से साथ निभाते नजर आ रहे थे और यह सिलसिला लगातार चल रहा था. 

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मंच से थोड़ी दूर पर ही स्टाल लगे थे, जिसका संचालन खुद दिव्यांग कर रहे थे और अपने सामान को बेचने के प्रयास में जुटे हुए थे. लोग भी उनके सामान को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे थे. इनकी आवाजें लोगों को अपनी  आकर्षित कर रही थी. यह आवाज उन्हीं बच्चों की थी,जो अपने हुनर को दूसरों के सामने लाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते थे और उनकी कोशिश को लोग सराह भी  रहे थे. कुछ पैदल तो कुछ इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर पर विकलांग लोग चार्ट गोलगप्पे सहित चटपटी और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाने में भी नहीं हिचक रहे थे. ड्रॉ का एलान होने की आवाज आ रही थी, जिसके बाद लोग वहां इकट्ठा होना शुरू हो गए. जिसके बाद वहां मौजूद मौजूद दिव्यांग युवाओं का ड्रॉ निकला.
 
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कार्यक्रम की तस्वीर

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पुरानी किला मौजूद विकलांग युवाओं के साथ वहां उनके परिजनों को गिफ्ट दिए गए और इनकी हौसलाअफजाई में तालियां बजीं. इस मेले के बारे में एक्जक्यूटिव डायरेक्टर श्यामला और व्यस्त दिव्यांग लाइव स्कूल प्रोग्राम इंचार्ज मीनाक्षी शर्मा कहती हैं कि दिव्यांग व्यक्ति को विकलांग ना समझा जाए. दिव्यांगों  के साथ आम आदमी की तरह बर्ताव किया जाए. हर प्रोग्राम में इन लोगों की भागीदारी बहुत जरूरी है.

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इस दिवाली मेले में एक साथ वह सभी के साथ खुशियां बांट सकें, इसलिए इस मेले का आयोजन किया गया है. दिव्यांग  काम कर रहे थे और लोगों को अपने काम के जरिए आकर्षित भी कर रहे थे. ऐसे लोगों को मौका मिलता है, तो वह अपने हुनर को दिखा सकते हैं और अपना लोहा मनवा सकते हैं. इसलिए उनको मदद की जरुरत है.


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