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'चीन ने मंदी की चुनौती को देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के अवसर के रूप में लिया'

चीन की अर्थव्यवस्था में आई मंदी के बारे में चीन अर्थशास्त्री प्रोफेसर जिया हैताओ ने विस्तार से बताया, जामिया में परिचर्चा आयोजित

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'चीन ने मंदी की चुनौती को देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के अवसर के रूप में लिया'

जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में आयोजित परिचर्चा में चीनी अर्थशास्त्री प्रो जिया हैताओ ने भाग लिया.

नई दिल्ली:

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एमएमएजे एकेडमी ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ में यूजीसी चाइना स्टडीज़ प्रोग्राम के तहत ‘‘ चैलेंजेस एंड काउंटर मेज़र्स ऑफ न्यू नार्मल ऑफ द चाइनीज़ इकानोमी ‘‘ विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन हुआ. इसमें चीन की जिनान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जिया हैताओ ने चीन की अर्थव्यवस्था में आए नए आयामों और बदलावों के बारे में विस्तार से बताया.

जेएनयू के प्रो बीआर दीपक ने परिचर्चा की अध्यक्षता की. यह परिचर्चा एकेडमी के हो ची मिन्ह कांफ्रेंस रूम में आयोजित हुई. प्रो जिया हैताओ ने चीन की अर्थव्यवस्था में 6.6-6.4 प्रतिशत की आई मंदी के प्रसंग में आने वाली तब्दीलियों के बारे में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था में उभरी ‘‘नई सामान्यता ‘‘ (न्यू नार्मल) के कई कारण हैं. हालांकि इससे चीन का आर्थिक मॉडल कोई खास प्रभावित नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा, यह बात सही है कि 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट ने चीन की अर्थव्यवस्था की गति को कम किया है. इससे कई विदेशी निवेशक देश से लौट गए जिससे चीन की छोटी और मध्यम फैक्ट्रियां बंद हुईं. इसके चलते सरकार को खरबों डॉलर के निवेश के लिए आगे आना पड़ा.


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प्रो हैताओ ने कहा कि चीन की आबादी में अधिक उम्र के लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है और इससे युवाओं को रोज़गार पाने में दिक्कत आ रही है. इससे कई सामाजिक समस्याएं सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि चीन-अमेरिका व्यापार युद्ध ने भी उनके देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है. चीन की अर्थव्यवस्था का विकास भी बहुत तेज़ है और इसके चलते देर-सवेर यह बुलबुला फूटेगा.

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चीनी विशेषज्ञ ने बताया कि इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए उनके देश ने आधिकारिक रूप से मंदी को स्वीकार करते हुए इससे उपजी चुनौती से निपटने के तीन निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि चीन से इस चुनौती को देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के अवसर के रूप में लिया है.

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इस परिचर्चा में विभाग के अध्यापकों और छात्रों ने हिस्सा लिया. प्रो हैताओ से सवाल-जवाब का सत्र भी चला.


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