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दिल्ली में रोबोट से कराई जाएगी सीवर की सफाई!

दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम केरल जाकर इस रोबोट का हर कसौटी पर परीक्षण करेंगे

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खास बातें

  1. रोबोट सीवर या सेप्टिक टैंक के मेनहोल से अंदर जाता है
  2. कैमरे से ये अंदर की सारा बाधाएं बाहर स्क्रीन पर दिखाता है
  3. ज़रूरत के हिसाब से कमांड देने पर अंदर की गाद बाहर ले आता है
नई दिल्ली:

दिल्ली की केजरीवाल सरकार एक योजना पर काम कर रही है जिसके तहत अब मानव नहीं बल्कि रोबोट सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई किया करेंगे. आईआईटी के कुछ इंजीनियरों की एक कंपनी ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जो सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई कर सकता है. दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम इस महीने के आखिरी में केरल जाकर इस रोबोट का हर कसौटी पर परीक्षण करेंगे और देखेंगे कि ये रोबोट दिल्ली में सीवर सफाई या सेप्टिक टैंक सफाई में कितना कारगर साबित हो सकता है.

कैसे काम करता है यह रोबोट?
यह रोबोट सीवर या सेप्टिक टैंक के मेनहोल से जो सीवर या सेप्टिक टैंक के अंदर जाता है. कैमरा की मदद से ये अंदर की सारा बाधाएं बाहर स्क्रीन पर दिखाता है. फिर ज़रूरत के हिसाब से कमांड देने पर अंदर की गाद बाहर ले आता है.

रोबोट की खासियत
एक रोबोट का वजन करीब 80 किलो के आसपास है. एक रोबोट की कीमत करीब 20-22 लाख रुपये है जो मोलभाव में कम हो सकती है. दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक ज्यादा मशीन अगर सरकार खरीदती है तो 12 से 15 लाख प्रति रोबोट कीमत आ सकती है. रोबोट से छोटे सीवर या टैंक की सफाई 15 मिनट में की जा सकती है जबकि बड़े सीवर या टैंक की सफाई के लिए 45 मिनट तक लग सकते हैं.  ये रोबोट 10 मीटर की गहराई तक जा सकता है. दक्षिण भारत के केरल,तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इससे काम करके देखा जा रहा है.


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सीवर/सेप्टिक टैंक सफ़ाई में मौत में दिल्ली सबसे ऊपर
केंद्रीय सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने संसद में बताया कि पिछले 3 सालों में देश भर में सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान 88 लोगों की मौत हुई जिसमें सबसे ज्यादा 18 मौतें दिल्ली में हुई.

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सेप्टिक टैंक में ज़्यादा कारगर
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक यह रोबोट सीवर से ज्यादा सेप्टिक टैंक सफाई में ज्यादा कारगर साबित हो सकता है. क्योंकि सीवर सफाई के लिए दिल्ली सरकार के पास 200 मशीनें पहले ही हैं जिनके चलते इंसान को सीवर में नहीं उतरना पड़ता और सीवर साफ हो जाता है. लेकिन तंग गलियों के सीवर और खासतौर से सेप्टिक टैंक क्योंकि प्राइवेट बिल्डिंग में होता इसलिए वहां मशीन नहीं जा सकती. वहां ये रोबोट सबसे बेहतर हो सकता है.

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आम लोग भी कर सकते हैं इस्तेमाल
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक 'सेप्टिक टैंक साफ करवाने के लिए इस रोबोट को ऐसे इस्तेमाल किया जा सकता है कि हर जिले में सरकार एक केंद्र बना दे जहां पर जिसका भी सेप्टिक टैंक भर जाए वह कॉल करें और ये रोबोट वहां भेज कर सेप्टिक टैंक साफ़ कराया जा सके. इसके लिए एक न्यूनतम चार्ज सरकार रख देगी. एक हेल्पलाइन नंबर बनाकर ऐसा किया जा सकता है. सबसे बड़ी बात है कि अगर यह योजना लागू हो जाती है तो इससे इंसान की जान बचेगी जो कि सबसे ज्यादा कीमती है.'

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