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कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाला करने लगा ड्रग्स का गोरखधंधा, गिरफ्तार

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कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाला करने लगा ड्रग्स का गोरखधंधा, गिरफ्तार

दिल्ली में ड्रग तस्करी के मामले में पूर्व खिलाड़ी हरप्रीत सिंह सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

खास बातें

  1. पूर्व खिलाड़ी हरप्रीत सिंह सहित तीन को गिरफ्तार किया गया
  2. 50 करोड़ की 'म्याऊ-म्याऊ' यानि मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद की गई
  3. हरप्रीत ने 2006 में कोलंबो में एसएएफ गेम्स में ब्रांज मेडल भी जीता
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने रेव पार्टियों में सप्लाई होने वाले 'म्याऊ-म्याऊ' यानि मेफेड्रोन ड्रग्स के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में तीन लोगों अमनदीप सिंह, हरप्रीत सिंह और हर्निश सरपाल को गिरफ्तार किया गया है. उनके पास से 25 किलो से ज्यादा की 'म्याऊ-म्याऊ' ड्रग्स बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 50 करोड़ है. खास बात यह है आरोपियों में हरप्रीत सिंह वही शख्स है जिसने 2004 में ऑस्ट्रेलिया में हुए यूथ कॉमनवेल्थ गेम्स डिस्कस प्रतियोगता में सिल्वर मैडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था.

पुलिस के मुताबिक 11 फरवरी को स्पेशल सेल को जानकारी मिली कि अमनदीप सिंह अपने साथियों के साथ ड्रग्स की खेप लेने के लिए मुंबई जा रहा है और 13 फरवरी को लौटेगा. हालांकि बाद में पता चला कि अमनदीप 13 फरवरी को नहीं बल्कि 15 फरवरी को सुबह दादर-अमृतसर एक्सप्रेस से नई दिल्ली स्टेशन पहुंचेगा.

स्पेशल सेल की टीम ने अमनदीप को उसके साथी हरप्रीत के साथ नई दिल्ली स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया. तलाशी लेने पर उनके पास से 50 करोड़ की ड्रग्स बरामद हुई.

पूछताछ में पता चला की गैंग का सरगना दुबई में बैठा कैलाश राजपूत है, जो दुबई से ड्रग्स शिप से मुंबई भेजता है. अमनदीप, हरप्रीत, हनीश और किशन नाम के शख्स उसे देश के दूसरे मेट्रो शहरों के अलावा दुनिया के कई देशों में भेजते हैं.

पुलिस के मुताबिक हरिनगर के रहने वाले अमनदीप ने लंदन से हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म में डिप्लोमा किया है. वहां उसकी दोस्ती दिल्ली के हनीश और नागपुर के किशन से हुई. वर्ष 2012 में सभी दिल्ली आ गए और जल्दी पैसा कमाने और अच्छी लाइफस्टाइल के चक्कर में ड्रग्स के धंधे से जुड़ गए.

इसी बीच हरिनगर में रहने वाले अंतरराष्ट्रीय एथलीट हरप्रीत सिंह ने जब अमनदीप की शानदार लाइफस्टाइल देखी तो वह भी उसके संपर्क में आ गया और नशे के कारोबार से जुड़ गया. इससे पहले उसने 2004 में यूथ कॉमनवेल्थ गेम्स के अलावा 2006 में कोलंबो में एसएएफ गेम्स में ब्रांज मेडल जीता और राष्ट्रीय अवार्ड भी जीते, लेकिन 2006 -2007 में डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर उसकी खेल की दुनिया में ब्रेक लग गया. साल 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले उसको चोट लग गई और फिर उसने खेल की दुनिया को अलविदा कह नशे की दुनिया को चुन लिया.

पुलिस का कहना है कि जुलाई 2016 में 14 किलो 'म्याऊ-म्याऊ' के साथ नौ लोगों को गिरफ्तार किया था. अब इस नए मामले में बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है. इस ड्रग का युवाओं में खासा क्रेज़ है और पार्टियों के लिए इसकी जबरदस्त डिमांड रहती है.


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