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मेट्रो किराया वृद्धि को अदालत में चुनौती देगी कांग्रेस

अजय माकन ने आरोप लगाया कि किराया निर्धारण समिति की सिफारिशों के बावजूद आप सरकार एवं केंद्र की भाजपा सरकर ने विरोध नहीं किया था.

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मेट्रो किराया वृद्धि को अदालत में चुनौती देगी कांग्रेस

कांग्रेस की दिल्ली इकाई के प्रमुख अजय माकन.

नई दिल्ली:

कांग्रेस की दिल्ली इकाई के प्रमुख अजय माकन ने कहा कि उनकी पार्टी मेट्रो किराया वृद्धि को अदालत में चुनौती देगी. उन्होंने आरोप लगाया कि किराया निर्धारण समिति की सिफारिशों के बावजूद आप सरकार एवं केन्द्र की भाजपा सरकर ने विरोध नहीं किया था.

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माकन ने कहा कि चतुर्थ किराया निर्धारण समिति की रिपोर्ट केंद्र एवं केजरीवाल सरकार के पास पिछले 15 माह से थी, लेकिन दोनों ने मूल्यवृद्धि को चुनौती नहीं दी. उन्होंने सवाल किया, 'क्या यह रिपोर्ट इतनी पवित्र और बाध्यकारी है कि इसे अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती.' माकन ने कहा कि अगर दिल्ली सरकार इसे अदालत में चुनौती नहीं देती है तो दिल्ली कांग्रेस दिल्ली मेट्रो की मूल्यवृद्धि को अदालत में चुनौती देगी.

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चतुर्थ किराया निर्धारण समिति की रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली मेट्रो ने पिछले माह लगभग हर दूरी के स्लैब में करीब 10 रुपये की वृद्धि की थी. इससे महज पांच माह पहले 100 प्रतिशत तक की किराया वृद्धि हुई थी. माकन ने दावा किया कि चतुर्थ किराया निर्धारण समिति ने ध्यान दिलाया था कि एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का किराया तृतीय किराया निर्धारण समिति द्वारा सुझाये गए अधिकतम किराए से कम है. हालांकि डीएमआरसी ने किराये में कोई वृद्धि का प्रस्ताव नहीं दिया.

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उन्होंने कहा, 'इसका मतलब है कि चतुर्थ किराया निर्धारण समिति की रिपोर्ट सरकार पर इसे पूरी तरह लागू करने के लिए बाध्यकारी नहीं है. मुंबई मेट्रो के किराए का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र मेट्रोपोलिटन रेल डेवलेपमेंट अथारटी ने किराया निर्धारण समिति द्वारा तय किए गए किरायों को उच्च न्यायालय में चुनौती दी और इस पर रोक लग गई. माकन ने कहा कि दिल्ली में किराया वृद्धि का प्रभाव उनकी गणना के अनुसार 755.92 करोड़ रुपये है. उन्होंने मांग की कि केंद्र एवं दिल्ली सरकार किराया वृद्धि के कारण बढ़ी राशि पर सब्सिडी दे. 



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