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दिल्ली में बढ़ा क्राइम, बीते साल में करीब सवा दो लाख मामले दर्ज

पुलिस के मुताबिक रेप और यौन शोषण के ज्यादातर मामलों में आरोपी पीड़ित के नजदीकी या फिर परिवार के सदस्य

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दिल्ली में बढ़ा क्राइम, बीते साल में करीब सवा दो लाख मामले दर्ज

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. महिला सुरक्षा को लेकर और सतर्क हुई दिल्ली पुलिस
  2. आतंकवाद को लेकर दिल्ली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद
  3. पुलिस विभाग का करप्शन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
नई दिल्ली: दिल्ली में अपराध बढ़ गए हैं. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस और सतर्क हो गई है. पुलिस के मुताबिक रेप और यौन शोषण के ज्यादातर मामलों में आरोपी पीड़ित के नजदीकी या फिर परिवार के सदस्य होते हैं. पुलिस का कहना है कि विभाग का करप्शन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.दिल्ली पुलिस ने आतंकवाद को लेकर पूरी तरह मुस्तैद होने का दावा किया है.

दिल्ली पुलिस की सालाना प्रेस कॉन्फेंस में दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने अपराध से जुड़े आंकड़े तो साझा किए पर आंकड़ों की बाजीगरी में पुलिस हमेशा की तरह अव्वल दिखी. दिल्ली में साल 2017 में कुल 223075 मामले दर्ज हुए. हालांकि कुल आईपीसी क्राइम की बात की जाए तो साल  2016 के मुकाबले 2017 में दिल्ली में क्राइम में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इसके पीछे महकमे ने वजह ऑनलाइन एफआईआर दर्ज होना बताया है. हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि संगीन अपराध के मामलो में कमी आई है.

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आंकड़ों की बात की जाए तो जहां 2016 में हत्या के 501 मामले दर्ज किए गए वहीं 2017 में 462 मामले दर्ज हुए. 2016 में लूट के करीब साढ़े चार हजार मामले दर्ज हुए वहीं 2017 में यह आंकड़ा महज 2800 का रहा.

रेप के मामले में भी कमी आई है, वर्ष 2016 में 2064 मामले दर्ज हुए थे वहीं 2017 में 2049 मामले दर्ज किए गए. स्नैचिंग के मामलों की बात की जाए तो 2016 में नौ हजार मामले दर्ज हुए थे वहीं 2017 में यह आंकड़ा करीब 8 हजार के आसपास ही रहा. राजधानी में वाहन चोरी के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है. साल 2016 में वाहन चोरी के 36 हजार मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2017 में यह आंकड़ा करीब 39 हजार पर पहुंच गया.

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कुल आईपीसी मामलों में इस साल सबसे ज्यादा मामले सुलझाने का दावा भी दिल्ली पुलिस ने किया है.डकैती के सभी मामलों को 2017 में सुलझा लिया गया. कत्ल के करीब 89 प्रतिशत मामले सुलझा लिए गए. रेप के करीब 91 प्रतिशत मामले सुलझाए गए, वहीं स्नैचिंग के महज 55 प्रतिशत मामले ही सुलझाए गए हैं.

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ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों की बात की जाए तो 2017 में अलग-अलग ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के आरोप में 60 लाख से ज्यादा चालान किए गए और इससे ट्रैफिक पुलिस ने 94 करोड़ से ज्यादा रुपये कमाए.रेड लाइट जंप के 2017 में एक लाख 64 हजार 320  चालान हुए. ओवर स्पीडिंग के एक लाख 34 हजार 301 चालान हुए. ड्रंक एंड ड्राइव के 30 हजार 301 चालान हुए. गाड़ी चलाते हुए मोबाइल फ़ोन पर बात करने पर 15 हजार 182 चालान हुए. साल 2016 में अवैध हथियारों के साथ 745 लोग गिरफ्तार हुए जबकि 2017 में 1141 लोग गिरफ्तार हुए. 2016 में 738 अवैध हथियार बरामद हुए जबकि 2017 में 1108 यानि करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई. 2017 में 2153 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अलग-अलग आरोपों में कार्रवाई भी हुई यानी साफ है कि दिल्ली पुलिस क्राइम कंट्रोल कम होने के लाख दावे करे पर राजधानी दिल्ली में क्राइम बढ़ रहा है.


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