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रेप के मामले में दिल्ली की अदालत ने सुनाई 7 साल की कैद

अदालत ने कहा कि पीड़ित की गरिमा को तार-तार कर देने वाले इस नीच और घृणित अपराध के लिए दोषी को सजा मिलनी ही चाहिए.

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रेप के मामले में दिल्ली की अदालत ने सुनाई 7 साल की कैद

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने बलात्कार के मामले में 35 साल के एक शख्स को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने कहा कि पीड़ित की गरिमा को तार-तार कर देने वाले इस नीच और घृणित अपराध के लिए दोषी को सजा मिलनी ही चाहिए. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने दक्षिण दिल्ली के रहने वाले भगवान दास उर्फ राहुल को एक महिला के बलात्कार के जुर्म में जेल की सजा सुनाई. राहुल ने चोरी के एक मामले में गिरफ्तार महिला के पति को जमानत दिलाने का झांसा देकर उससे बलात्कार किया था. अदालत ने दोषी पर 15,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया और निर्देश दिया कि दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकार, दक्षिण दिल्ली के सचिव पीड़िता के लिए उचित मुआवजा तय करें.

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अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पीड़िता ने 26 नवंबर 2014 को आरोप लगाया था कि उसके पति की गिरफ्तारी के बाद पारिवारिक मित्र रहे राहुल ने उसे आश्वस्त किया था कि वह एक वकील से जान-पहचान कराकर उसके पति को जेल से निकलवाने में मदद करेगा. महिला का विश्वास प्राप्त करने के बाद राहुल एक वकील से मिलाने के बहाने उसे एक फ्लैट पर ले गया, उसका यौन उत्पीड़न किया और उसके पति को जेल में मरवाने की धमकी दी.

घटना के तीन-चार दिनों बाद महिला ने साहस जुटाकर प्राथमिकी दर्ज कराई. पीड़िता के बयान पर भरोसा करते हुए अदालत ने कहा कि उसने लगातार एक जैसी बातें बोली हैं और 'तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने की उसकी तरफ से कोई कोशिश नहीं की गई.' मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया था कि महिला उससे प्रेम करती थी.


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