दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार के ऑटो किराए में बढ़ोतरी पर लगाई रोक

दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने राष्ट्रीय राजधानी (Delhi-NCR) में ऑटो रिक्शा किराए (Auto Fare) को बढ़ाने के आप सरकार (AAP Govt.) के फैसले पर शुक्रवार को रोक लगा दी.

दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार के ऑटो किराए में बढ़ोतरी पर लगाई रोक

दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑटो किरायों में बढ़ोतरी पर रोक लगा दी है.

खास बातें

  • दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑटो किरायों पर बढ़ोतरी पर रोक लगा दी है
  • एक याचिका में किराया न बढ़ाए जाने की रखी गई थी मांग
  • दिल्ली सरकार ने किराया बढ़ाने का लिया था फैसला
नई दिल्ली:

दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने राष्ट्रीय राजधानी (Delhi-NCR) में ऑटो रिक्शा किराए (Auto Fare) को बढ़ाने के आप सरकार (AAP Govt.) के फैसले पर शुक्रवार को रोक लगा दी. मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा, 'हम अगली सुनवाई तक दिल्ली सरकार की 12 जून की अधिसूचना के अमल पर रोक लगाते हैं.' उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 21 मई को तय की है. अदालत, एनजीओ ‘एडिंग हैंड्स फाउंडेशन' की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ऑटो किराए में सुधार संबंधी दिल्ली सरकार की अधिसूचना को निरस्त करने का अनुरोध किया गया था. याचिका में कहा गया कि अधिसूचना सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के बिना जारी की गई और यह लोगों को बुरी तरह प्रभावित करेगी.

निर्भया केस: पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों का डेथ वारंट जारी करने से किया इनकार

पिछले साल आठ जुलाई को उच्च न्यायालय ने ऑटो किराया बढ़ाने के आप सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. हालांकि, अदालत ने जनहित याचिका पर केंद्र, दिल्ली सरकार, उसके परिवहन विभाग और किराया समीक्षा आयोग को नोटिस जारी किया था. याचिका में अधिसूचना को यह कहते हुए चुनौती दी गई थी कि अधिकारियों ने दिल्ली में मनमाने तरीके से ऑटो किराये में बढ़ोतरी की, जिससे निवासियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, जो पहले ही ऑटो चालकों के बुरे व्यवहार और बहुत ज्यादा किराया वसूलने से परेशान हैं.

एनजीओ का पक्ष रख रहे वकील डी पी सिंह ने अदालत को बताया कि यह अधिसूचना उपराज्यपाल की अनुमति के बिना जारी की गई और कानूनी रूप से गलत होने के कारण इसे निरस्त किया जाना चाहिए. आप सरकार के स्थायी वकील रमेश सिंह ने यह कहते हुए याचिका का विरोध किया कि इस मामले में फैसला लेने की शक्ति दिल्ली सरकार के पास है न कि उपराज्यपाल के पास. 

दिल्ली विधानसभा चुनाव: मतदान से एक दिन पहले AAP नेता संजय सिंह बोले- पैसे उनसे लो, वोट हमें दो

हालांकि, याचिका को केंद्र सरकार के स्थायी वकील जसमीत सिंह ने समर्थन दिया और कहा कि अधिसूचना को निरस्त किया जाना चाहिए. अधिवक्ता अनुराग टंडन और अश्विन मनोहरन के माध्यम से दायर याचिका में दावा किया गया कि अधिसूचना कानूनी अधिकरण की अनुमति के बिना जारी की गई और यह संवैधानिक प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है.

इसमें कहा गया कि ऑटो चालक मीटर से चलने के लिए मुश्किल से राजी होते हैं और बहुत अधिक कीमत वसूलते हैं और किराये में बढ़ोतरी उन्हें सामान्य से ज्यादा कीमत वसूलने का अधिकार देगी.


 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com