दिल्ली में अवैध जूता फैक्ट्री में लगी आग, चार मजदूरों की मौत

करीब 20 मजदूरों को दमकल कर्मियों ने बचा लिया, फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो पाई

दिल्ली में अवैध जूता फैक्ट्री में लगी आग, चार मजदूरों की मौत

दिल्ली के सुल्तानपुरी में अवैध फैक्ट्री में आग लगने से चार मजदूरों की मौत हो गई.

खास बातें

  • सुल्तानपुरी में रिहायशी इलाके में चल रही थी फैक्ट्री
  • कई मजदूर घायल हो गए, अस्पताल में भर्ती किया
  • आग लगने के कारणों की जांच की जा रही
नई दिल्ली:

दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में एक घर में चल रही अवैध फैक्ट्री में आग लगने से चार मजदूरों की मौत हो गई और कई मजदूर घायल हो गए. करीब 20 मजदूरों को दमकल कर्मियों ने बचा लिया. फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है.

राजधानी दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में एक जूता फैक्ट्री में भीषण आग लग गई. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. दमकल की करीब एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं और साथ ही कैट्स एम्बुलेंस व पुलिस टीम भी राहत और बचाव कार्य में जुट गई है. इस अवैध फैक्ट्री में पहली मंजिल पर फंसे करीब 20 मजदूरों को बचा लिया गया है. बताया जाता है कि यह जूता फैक्ट्री रिहायशी इलाके में चल रही थी. सुल्तानपुरी पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है.

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बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में बनी जूता फैक्ट्री में सोमवार को सुबह करीब छह बजे अचानक से आग लग गई. देखते ही देखते आग ने भयानक रूप ले लिया. इस भीषण हादसे में करीब चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. कई अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

 
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दमकल कर्मियों ने सीढ़ियां लगाकर करीब बीस मजदूरों को बचा लिया.फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है और शवों को पोस्ट मार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेज दिया गया है. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है.

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इस तरह रिहायशी इलाकों में घरों के अंदर खतरनाक फैक्ट्रियां चलाना प्रशासन पर भी कई सवाल खड़े करता है. प्रशासन हर बार मुआवजा बांटकर हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों को बचा लेता है. बवाना फैक्ट्री हादसे के बाद न नगर निगम ने कोई सबक लिया न दूसरे विभागों ने. रिहायशी घरों में खतरनाक फैक्ट्रियां बदस्तूर चल रही हैं.