दिल्ली पुलिस ने फ़र्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से डेबिट और क्रेडिट कार्ड लेने वाले गैंग को पकड़ा

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 8 लोगों के एक ऐसे गैंग को पकड़ा है जिसने अलग-अलग 13 बैंकों से फ़र्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर 63 डेबिट और क्रेडिट ले लिए और करोड़ो की शॉपिंग कर ली. पकड़े गए ज्यादातर आरोपी एक ही परिवार के हैं.

दिल्ली पुलिस ने फ़र्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से डेबिट और क्रेडिट कार्ड लेने वाले गैंग को पकड़ा

गैंग के पास से कई बैंकों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड, चेकबुक बरामद हुए.

नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 8 लोगों के एक ऐसे गैंग को पकड़ा है जिसने अलग-अलग 13 बैंकों से फ़र्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर 63 डेबिट और क्रेडिट ले लिए और करोड़ो की शॉपिंग कर ली. पकड़े गए ज्यादातर आरोपी एक ही परिवार के हैं.

आर्थिक अपराध शाखा के जॉइंट कमिश्नर ओपी मिश्रा के मुताबिक सिटी बैंक ने अपने ऑडिट में पाया कि 36 ग्राहकों ने अलग-अलग नामों और फ़र्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर बैंक में खाते खुलवाये हैं और क्रेडिट और डेबिट कार्ड हासिल कर लिए हैं. उनके वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड सभी फ़र्ज़ी हैं.

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सिटी बैंक की शिकायत पर पुलिस ने ठगी का केस दर्ज किया और जांच शुरू की. जांच में पता चला कि कुछ ऐसे लोगों का गिरोह है जिन्होंने अलग-अलग नामों से कई पहचान पत्र बनवाये हैं और अलग-अलग बैंको में उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर खाते खोले हैं. पहचान पत्रों में एक ही शख्स के अलग-अलग हुलिए के फोटो और अलग-अलग सरनेम हैं.

पुलिस ने जांच के बाद रानीबाग इलाके से इस गैंग के 8 लोगों कंवल राज ,उसकी पत्नी ,उनके 2 बेटों अजय क्षत्रिय और मनीष क्षत्रिय ,दोनों बेटों की पत्नियों के अलावा अरुण शर्मा और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक मनीष ही इस गैंग का मास्टरमाइंड है. 

पुलिस के मुताबिक मनीष 1985 में उत्तम नगर में पैदा हुआ लेकिन बाद में उसका परिवार रानीबाग इलाके में शिफ्ट हो गया. मनीष के पिता की इलेक्ट्रॉनिक स्विच बनाने की एक फैक्ट्री थी और बाद में इन लोगों ने ग्रासिम स्विचेस नाम से रानी बाग में एक कंपनी खोली और मनीष और उनके पिता डायरेक्टर बन गए लेकिन 2013 और 2014 में कंपनी को काफी नुकसान हुआ.

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उसके बाद मनीष ने ठगी करने की साज़िश रची,उसने रवि सचदेवा और उमेश नाम के शख्स से फ़र्ज़ी आधार कार्ड ,पैन कार्ड और वोटर आईकार्ड हासिल किए. इन्हीं फ़र्ज़ी दस्तावेजों के जरिये इन लोगों ने अलग अलग 13 बैंको में कई बैंक खाते खोले और क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड हासिल किए. उसके बाद क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के से महंगे सामानों और गहनों की खरीददारी कर बैंको को 3-4 करोड़ का चूना लगा दिया.

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इनके पास से 15 लाख रुपये कैश ,गहने,2 स्वाइप मशीन बरामद किए और इनके बैंक खातों में भी 50 लाख रुपये मिले. फ़र्ज़ी दस्तावेजों के जरिये लिए गए 15 सिम कार्ड और मोबाइल भी बरामद हुए. इनके पास से 13 बैंको के 63 डेबिट और क्रेडिट कार्ड,83 चेकबुक,31 पैन कार्ड,18 आधार कार्ड,30 वोटर आईडी कार्ड भी बरामद हुए हैं जो फ़र्ज़ी हैं.