Coronavirus: दिल्ली पुलिस ने अपने कर्मियों के लिए शुरू किया 'हैल्दी पुलिस, हैप्पी पुलिस' कैंपेन

दिल्ली पुलिस ने कोविड-19 महामारी के बीच निजी या स्वास्थ्य समस्याओं के चलते तनाव का सामना कर रहे अपने कर्मियों के बीच पहुंचने के लिये अभियान चलाया है.

Coronavirus: दिल्ली पुलिस ने अपने कर्मियों के लिए शुरू किया 'हैल्दी पुलिस, हैप्पी पुलिस' कैंपेन

दिल्ली पुलिस ने 'हैल्दी पुलिस, हैप्पी पुलिस' अभियान शुरू किया है. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • दिल्ली पुलिस ने चलाया अभियान
  • दिल्ली पुलिस ने चलाया अभियान
  • दिल्ली में बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले
नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने कोविड-19 (COVID-19) महामारी के बीच निजी या स्वास्थ्य समस्याओं के चलते तनाव का सामना कर रहे अपने कर्मियों के बीच पहुंचने के लिये अभियान चलाया है. उन्हें विशेषज्ञ पेशेवरों की मदद मुहैया कराई जा रही है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मध्य जिले ने 'हैल्दी पुलिस, हैप्पी पुलिस' अभियान चलाया है. मध्य जिला पुलिस में 2,705 कर्मी हैं. इनमें से कई ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों को बताया है कि वे निजी कारणों के चलते तनाव का सामना कर रहे हैं. उन्होंने उनसे काउंसलिंग के लिये मदद मांगी है.

पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) संजय भाटिया ने कहा कि मदद मांगने वाले पुलिसकर्मियों की निजता का सम्मान करते हुए पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया है. भाटिया ने कहा, 'कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी के दौरान पुलिसकर्मी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे हैं. इससे न केवल शारीरिक बल्कि मनोवैज्ञानिक तनाव भी होता है.' उन्होंने कहा, 'अभियान के तहत, जिले में तैनात सभी पुलिस कर्मियों को एक स्वास्थ्य समस्या प्रश्नावली भेजी गई और एक सीलबंद लिफाफे में उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली गई है.'

भाटिया ने कहा, 'स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के तीन भागों शारीरिक समस्याएं, मानसिक तनाव और घरेलू दिक्क्तों में बांटा गया है. उन्होंने बताया कि प्राप्त सूचनाओं के आधार पर समय-समय पर एक परामर्श सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और घरेलू समस्याओं पर परामर्श देने वाले, पुलिस कर्मियों की समस्याओं को सुनकर उनका मार्गदर्शन करेंगे.'

उन्होंने कहा कि मध्य जिले के कर्मियों को ऐसे 2,705 फार्म बांटे गए हैं, जिनमें से अब तक 1,500 फार्म वापस आ गए हैं.
उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में 26 जून को आयोजित एक सत्र में 30 कर्मियों के एक समूह ने पेशेवरों से परामर्श लिया.
अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली पुलिस के कर्मी कोविड-19 महामारी के दौरान आगे रहने वाले कर्मियों में शामिल हैं. ड्यूटी के दौरान न सिर्फ उनका स्वास्थ्य खतरे में है बल्कि निजी कारणों के चलते भी उनके बीच तनाव बढ़ गया है.

उन्होंने कहा कि 30 वर्षीय एक कांस्टेबल घर पर अपने परिवार के सदस्यों से अलग रह रहे हैं. वह हर दो या तीन मिनट के अंतराल पर अपने हाथों को संक्रमण मुक्त करते हैं. वह 15 मार्च के आसपास से नींद संबंधी दिक्कतों का भी सामना कर रहे हैं, जब यह महामारी चरम पर पहुंचनी शुरू हुई थी. ऐसे ही एक अन्य मामले में 42 वर्षीय उप निरीक्षक की मां की कोविड-19 के चलते मौत हो गई. अब वह यह सोचकर चिंतित हैं कि वह और उनका परिवार भी संक्रमण की चपेट में आ गया होगा.

ऐसी ही एक महिला कर्मी भी हैं, जो महामारी के दौरान घर पर अधिक समय गुजार रही हैं. उनका परिवार उनकी शादी करना चाहता है, लेकिन उन्हें लगता है कि परिवार में इकलौता कमाने वाला होने के चलते उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे अपने छोटे भाई और बुजुर्ग मां का ध्यान रखना चाहिये. कई ऐसे कर्मी भी हैं जो दिल्ली से बाहर अपने पैतृक जिलों में चल रहे संपत्ति विवाद जैसे घरेलू मुद्दों के चलते तनाव या रक्तचाप अथवा मधुमेह से जूझ रहे हैं.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)