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दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन से कथित तौर पर जुड़ी कंपनियों की संपत्ति जब्त

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दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन से कथित तौर पर जुड़ी कंपनियों की संपत्ति जब्त

अरविंद केजरीवाल की सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन...

खास बातें

  1. आईटी विभाग के अधिकारियों ने यह कार्रवाई बेनामी संपत्ति के खिलाफ की
  2. जब्त की गई जमीन की कीमत 17 करोड़ है
  3. हालांकि इनकी मार्केट वैल्यू कहीं अधिक है
नई दिल्ली:

आयकर विभाग के अधिकारियों ने राजधानी में 100 बीघा से भी अधिक जमीन और कई कंपनियों के शेयरों को जब्त किया जिन्हें कथित तौर पर दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन से संबंधित बताया जा रहा है. आईटी विभाग के अधिकारियों ने यह कार्रवाई बेनामी संपत्ति के खिलाफ बनाए गए कानून के मुताबिक की है.

बताया जा रहा है कि जब्त की गई जमीन की कीमत 17 करोड़ है जबकि शेयरों की कीमत 16 करोड़ रुपये है. हालांकि इनकी मार्केट वैल्यू कहीं अधिक है. इस संबंध में 27 फरवरी को 4 संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है. इंडो मेटलिमपेक्स, अकिंचन डिवेलपर, प्रयास इन्फोसोल्यूशन और मंगलायतन प्रॉजेक्ट को जारी किए गए नोटिसों में अधिकारियों ने बेनामी संपत्ति ट्रांजैक्शन ऐक्ट के तहत सत्येंद्र जैन पर कंपनियों से कैश पेमेंट के लिए गलत एंट्रियों के जरिए शेयर हासिल करने का दोषी ठहराया है.

केवल इंडो मेटलिमपेक्स से संबंधित 69 बीघा खेती की जमीन जब्त की गई है. जैन को दिल्ली सरकार में काफी ताकतवर मंत्री माना जाता है. वह पीडब्ल्यूडी, ट्रांसपोर्ट और हेल्थ सहित कई अहम मंत्रालय संभाल रहे हैं.


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नियम के मुताबिक जब्ती के 90 दिन के भीतर संबंधित व्यक्तियों को आयकर विभाग को जवाब देना होता है. इसके अलावा भी आय छिपाने के लिए भी दिल्ली सरकार के मंत्री पर अलग से इनकम टैक्स ऐक्ट के तहत जांच की जा रही है.

इनकम टैक्स विभाग का आरोप है कि सारी जमीन बेनामी लेन-देन के जरिए ली गई है. जांच विभाग अब जीवेंद्र मिश्रा, अभिषेक चोकन्नी, राजेंद्र बंसल से जैन के कथित कनेक्शन की जांच कर रहा है. इन लोगों को कोलकाता से एंट्री ऑपरेटर का काम करने का आरोप है. एंट्री ऑपरेटर पैसे लेकर किसी बड़ी कंपनी में शेयर उपलब्ध करवाते हैं. इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक सत्येंद्र जैन की चार कंपनियों पर 17 करोड़ ट्रांसफर करने और इन कंपनियों से चेक प्राप्त करने का आरोप है. आरोप के मुताबिक इस पैसे का इस्तेमाल उन्होंने गैर-कानूनी कालोनियों में प्रापर्टी खरीदने में किया. जैन से संबंधित चार कंपनियां इंडो मेटल इम्पैक्स, अकिंचन डेवल्पर्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रयास इंफो सॉल्यूशन और मगलायतन प्रोजेक्ट्स आईटी विभाग की जांच के घेरे में है.



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