मदरसा के छात्र की हत्या के मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन

मालवीय नगर में मदरसा के छात्र की हत्या में पुलिस की भूमिका को लेकर गुस्सा, दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर किया गया प्रदर्शन

मदरसा के छात्र की हत्या के मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन

दिल्ली में पुलिस मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए लोग.

नई दिल्ली:

दिल्ली के मालवीय नगर के शिवालिक  इलाक़े में  मदरसा जामिया फ़रीदिया चलता है जिसमें लगभग 50 बच्चे तालीम हासिल करते हैं. मदरसे के पास मौजूद मैदान में हरियाणा के मेवात (नूह) के रहने वाला आठ साल के मदरसे में पढ़ने वाले मोहम्मद अज़ीम की पीट पीटकर हत्या कर दी गई. इसका आरोप मदरसे के पास रहने वाले चार नाबालिग बच्चों पर लगा. वहां मौजूद लोगों ने पूरे मामले में पुलिस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस सतर्क होती तो यह हादसा नहीं होता. 

हत्या के आरोपी चारों लड़के 12 साल के आस-पास के हैं. उन्हें जुवेनाइल होम भेज दिया गया है. दक्षिणी दिल्ली जिले के पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अजीम की मौत बच्चों के बीच हुई लड़ाई के दौरान हुई है, लेकिन कुछ लोग इसे सांप्रदायिक रंग देना चाहते हैं. जांच में सांप्रदायिक हिंसा जैसी कोई बात सामने नहीं आई है. लेकिन  मामले में पुलिस के रुख से नाराज़ अज़ीम के पिता के साथ सैकड़ों लोगो ने दिल्ली में पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन  में पुलिस के खिलाफ लगातार नारे लगते रहे. बीच-बीच में पुलिस से नोंकझोक भी हुई. 

बाद में प्रदर्शनाकारियों ने पुलिस मुख्यालय में  जॉइंट सीपी देवेश श्रीवास्तव से मुलाक़ात की. मोहम्मद अज़ीम के पिता मोहम्मद खलील ने कहा कि जॉइंट सीपी देवेश श्रीवास्तव ने उन्हें भरोसा दिलाया है की उनको पूरा न्याय दिलाया जाएगा. 

सामाजिक कार्यकर्ता नदीम खान ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि ये प्रदर्शन दिल्ली पुलिस की नाकामी और अज़ीम के पिता के साथ मालवीय नगर के SHO के दुर्व्यवहार के विरोध में है. उन्होंने कहा कि लगातार जिस तरह घटनाएं हो रही थीं उसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. पिछली घटनाओं को देखते हुए लगता है कि इस सब माहौल में बच्चों के अंदर आपस में इतनी नफरत भर दी गई जिससे इतनी बड़ी घटना हुई. 

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नदीम खान ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा की पुलिस अपनी नाकामयाबी छुपाने के लिए कार्रवाई न करने के लिए तमाम बहाने बना रही है कि इससे साम्प्रदायिक माहौल खराब होगा जबकि गिरफ्तार किए बच्चो में मुसलमान भी शामिल हैं और जिन लोगों पर उकसावे का आरोप है वे भी मुसलमान हैं. पुलिस उन  लोगों पर कार्रवाई नहीं कर रही जो बच्चों को उकसाने के ज़िम्मेदार हैं. इतनी बड़ी घटना के बाद भी मदरसा संचालक और अज़ीम के पिता को धमकियां दी गईं , जो चिंतनीय विषय है.  

मोहम्मद अज़ीम के पिता मोहम्मद खलील ने एनडीटीवी से कहा कि हम अपने बच्चे का इंसाफ इसलिए मांग रहे हैं कि आगे कहीं किसी दूसरे बच्चे के साथ घटना न  घटे, लेकिन हमें दुःख है कि मैं अपने बच्चे की हत्या के बारे में पुलिस की कार्रवाई जानने के लिए मालवीय नगर थाने गया था तो थाना प्रभारी द्वारा दुर्व्यवहार किया गया. क्या यही कानून है,  ये कैसा इंसाफ राज है.