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दिल्ली की राजौरी गार्डन सीट का उपचुनाव : बीजेपी जीती, कांग्रेस से रही टक्कर, आप की जमानत जब्त

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दिल्ली की राजौरी गार्डन सीट का उपचुनाव : बीजेपी जीती, कांग्रेस से रही टक्कर, आप की जमानत जब्त

दिल्ली के राजौरी गार्डन विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव का परिणाम के बाद जीत का जश्न मनाते बीजेपी कार्यकर्ता

खास बातें

  1. बीजेपी ने आम आदमी पार्टी से छीनी सीट
  2. आप के विधायक जरनैल सिंह के इस्तीफा देने से खाली हुई थी सीट
  3. एमसीडी चुनाव में जनता की मंशा का अहसास है यह परिणाम
नई दिल्ली:

दिल्ली के राजौरी गार्डन विधानसभा उपचुनाव का परिणाम आ गया है. इस सीट पर बीजेपी ने कब्जा किया है. यह सीट बीजेपी और अकाली दल ने आम आदमी पार्टी से छीनी है. इस सीट पर बीजेपी और कांग्रेस में सीधी टक्कर देखने को मिली. आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी की स्थिति काफी खराब रही और उनके प्रत्याशी की जमानत तक जब्त हो गई यानि कुल पड़े मत का छठा हिस्सा भी वह हासिल नहीं कर पाए. बीजेपी के चुनाव चिह्न पर अकाली नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने चुनाव लड़ा था और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की नेता मीनाक्षी चंदेला को 14652 मतों के अंतर से चुनाव हराया. आम आदमी पार्टी के हरजीत सिंह तीसरे नंबर पर आए. इनके अलावा तीन अन्य प्रत्याशी भी मैदान में थे.

चुनाव परिणाम के बाद बीजेपी के मनजिंदर सिंह सिरसा  को 40602 वोट मिले जबकि कांग्रेस की मिनाक्षी चंदेला को 25950 वोट मिले और आप के हरजीत सिंह को 10243 वोट मिले. इससे साफ है कि बीजेपी के प्रत्याशी को कुल 78091 वोट में से 51.99 प्रतिशत मत मिले जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 33.23 प्रतिशत वोट मिले और आप के प्रत्याशी हरजीत सिंह को 13.11 प्रतिशत मत पड़े. यहां से साफ है कि जमानत बचाने के लिए आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी को 13015 वोट मिलने चाहिए थे जो नहीं मिल पाए.


सुबह से जारी वोटों की गिनती में बीजेपी सबसे आगे रही थी. दूसरे स्थान पर कांग्रेस के प्रत्याशी रहे. एमसीडी चुनावों से पहले यहां से आम आदमी पार्टी के लिए बुरी खबर यह है कि अभी तक उनका प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहा जबकि यह सीट उनके ही विधायक के इस्तीफे के बाद खाली हुई है.

@ 11.45 आप नेता संजय सिंह ने कहा कि हमारे विधायक के बाहर जाने के बाद लोगों में नाराजगी थी. आज के रुझान उसी का परिणाम दिखाई दे रही है.

@11.40 13वें राउंड की गिनती के बाद बीजेपी और अकाली प्रत्याशी को मिले 32859 वोट, कांग्रेस 22846 और आप को केवल 8174 वोट मिले हैं.

@11.30 लोगों ने कहा कि आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल की तरह जरनैल सिंह पर भी भागने के आरोप लगे हैं. इस सीट पर अरविंद केजरीवाल ने जनसभा कर लोगों से वोट देने की अपील की थी.

@11.20 आम आदमी पार्टी का कहना है कि हमने लोगों को समझाने की कोशिश की है. उन्होंने परोक्ष रूप में हार को स्वीकारते हुए माना कि लोगों ने हमारी बात को माना नहीं है. मनीष सिसोदिया ने कहा कि एमसीडी चुनाव पिछले दो साल के काम  पर पार्टी लड़ रही है.

@11.15 आम आदमी पार्टी से लोगों में नाराजगी. लोगों का कहना है कि जरनैल सिंह ने यह सीट छोड़कर लोगों का विश्वास छोड़ा है. यहां पर आम आदमी पार्टी को पिछले चुनाव में 55000 हजार वोट मिले थे. जरनैल सिंह पत्रकार रहे हैं और चिदंबरम के ऊपर जूता फेंका था. इन्होंने सिख दंगे के विरोध में यह काम किया था.

@11.00 सुबह 11 बजे तक 11 राउंड की काउंटिंग से साफ हो गया हैकि बीजेपी अकाली के उम्मीदवार को 28208, कांग्रेस के प्रत्याशी 20266 और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी को 6239 वोट मिले हैं.

@ 10.40am दिल्ली में राजौरी गार्डन सीट से आम आदमी पार्टी की हालत खराब बताई जा रही है. अभी तक स्थिति के हिसाब से पार्टी को जमानत बचाना मुश्किल होगा. जानकारी के लिए बता दें कि जमानत बचाने के लिए कुल वोट का छठा हिस्सा मिलना जरूरी होता है.

जानकारी के लिए बता दें कि मनजिंदर सिंह सिरसा के पास 239 करोड़ रुपये की संपत्ति है. मनजिंदर सिंह सिरसा दिल्ली के राजौरी गार्डन से अकाली विधायक रह चुके हैं. 2015 के चुनाव में वह आम आदमी पार्टी के जरनैल सिंह से हार गए थे.  उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया था जिसमें  उन्होंने अपनी पत्नी की जायजाद 239 करोड़ बताई थी.

इस विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बताया जा रहा था. आम आदमी पार्टी के सामने इस सीट को बचाने की चुनौती थी. इसके अलावा माना जा रहा है कि यह परिणाम आने वाले दिनों में होने वाले दिल्ली नगर निगम चुनाव में मतदाताओं की मंशा का कुछ हद तक अहसास कराने वाला है.

उल्लेखनीय है कि आप के विधायक जरनैल सिंह के इस्तीफा देने से राजौरी गार्डन विधानसभा सीट खाली हो गई थी. इस सीट पर बीजेपी, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के बीच मुकाबला है. यह सीट जहां आम आदमी पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना था, वहीं यूपी के परिणामों से उत्साहित बीजेपी इस सीट के जरिए अपना विजय रथ आगे बढ़ाने की जद्दोजहद में थी. उधर पंजाब में सफलता का परचम लहराने वाली कांग्रेस भी इस पंजाबी-सिख बहुल सीट पर जीत को लेकर आशान्वित रही थी और इस चुनाव में उन्होंने पूरा जोर भी लगा दिया.

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कहा जा रहा है कि दिल्ली निगम (एमसीडी) चुनाव से पहले इस उपचुनाव का परिणाम काफी अहमियत रखता है. जिस पार्टी को जीत मिलेगी एमसीडी चुनाव में उसका मनोबल स्वाभाविक रूप से बढ़ा रहेगा.

वोटों की गिनती हरिनगर के सरकारी विद्यालय में सुबह आठ बजे शुरू हुई थी. इस विधानसभा क्षेत्र में 9 अप्रैल को मतदान हुआ था. इसमें 46.46 फीसदी लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया था. चुनाव में 20 पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे जिनमें 166 बूथों पर वोटिंग हुई थी.



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